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    तीन बुलडोजर, 300 पुलिसकर्मी, ढाई घंटे में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद जमींदोज

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 06:35 PM (IST)

    लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित अस्ती गांव में सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मस्जिद को प्रशासन ने उच्च न्यायालय के आदेश पर ध्वस्त कर दिया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. हाई कोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षित भूमि पर बनी मस्जिद प्रशासन ने ढहाई

    2. बख्शी का तालाब के अस्ती गांव में तीन दशक पूर्व कब्जा कर बनी थी मस्जिद


    जागरण टीम, लखनऊ। तीन बुलडोजर, तीन सौ पुलिसकर्मी और करीब ढाई घंटे में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई मस्जिद को धराशायी कर दिया। बख्शी का तालाब तहसील के अस्ती गांव में सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई अवैध मस्जिद को उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने बुधवार देर रात जमीदोंज कर दिया।

    कार्रवाई के दौरान कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच प्रशासन ने वहां आने जाने पर पाबंदी लगा दी थी। प्रशासन का कहना है कि करीब तीन दशक पहले अस्ती गांव में गाटा संख्या 648 खलिहान सुरक्षित भूमि पर अतिक्रमण कर मस्जिद खड़ी कर दी गई थी। इस मामले में बख्शी का तालाब तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश दिया जिसे एडीएम न्यायिक कोर्ट ने भी कायम रखा और हाई कोर्ट ने भी वैध मानते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया।


    सुरक्षित जमीन पर मस्जिद का निर्माण करने पर बीकेटी तहसीलदार कोर्ट ने 28 फरवरी 2025 को बेदखली के आदेश के साथ 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्षकार मुहम्मद शाहबान व अन्य ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक की कोर्ट में अपील की थी।

    सुनवाई के बाद 31 अक्टूबर 2025 को अपर जिलाधिकारी न्यायिक की कोर्ट ने भी पक्षकारों की अपील खारिज कर दी। बीकेटी तहसीलदार और एडीएम न्यायिक कोर्ट के फैसले को मस्जिद के पक्षकारों ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी। 25 मार्च को याचिका पर सुनवाई करते हुए लखनऊ खंडपीठ ने बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया, हालांकि तहसीलदार कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने को माफ कर दिया था।

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    इसी आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन द्वारा मस्जिद बनाने वाले पक्षकार को नोटिस दी गई। जिसके बाद प्रशासन ने बुधवार को अस्ती गांव में खलिहान की भूमि पर बनी मस्जिद हटाने की तैयारी शुरू कर की। शाम से ही गांव के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल की तैनात कर दी गई थी।

    देर रात करीब करीब तीन बजे एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह, एसडीएम साहिल कुमार, एडीसीपी रिषभ रुण्वाल, एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह और तहसीलदार शरद सिंह की मौजूदगी में तीन बुलडोजर ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया। करीब ढाई घंटे तक चले आपरेशन के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण को पूरी तरह ढहा दिया।

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