लखनऊ में दिव्यांग फर्नीचर व्यवसायी ने नहर में कूदकर दी जान, पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप
लखनऊ में एक 48 वर्षीय दिव्यांग फर्नीचर व्यवसायी ने शारदा नहर में कूदकर जान दे दी। परिवार ने सड़क हादसे के हर्जाने न मिलने और पुलिस पर लापरवाही का आरोप ...और पढ़ें

HighLights
लखनऊ में दिव्यांग व्यवसायी शम्स सिद्दीकी ने आत्महत्या की।
सड़क हादसे के हर्जाने न मिलने से परेशान था परिवार।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप, पुलिस ने आरोपों को नकारा।
संवाद सूत्र, लखनऊ। मानकनगर में डीआरएम पुलिया के पास शुक्रवार की देर शाम 48 वर्षीय दिव्यांग फर्नीचर व्यवसायी शम्स कमर सिद्दीकी ने शारदा नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि दो महीने पहले शम्स और उनकी पत्नी तहसीन सड़क हादसे में घायल हो गए थे।
इलाज के लिए वह दूसरे पक्ष से हर्जाने की मांग कर रहे थे। हर्जाना नहीं मिलने से वह परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
हंसखेड़ा की पुरानी कांशीराम कालोनी निवासी शम्स शुक्रवार सुबह आठ बजे दुकान पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। हंसखेड़ा में उनकी फर्नीचर हाउस नाम से दुकान है। शुक्रवार देर शाम तक वह नहीं लौटे तो परिवार ने खोजबीन शुरू कर दी। देर शाम शम्स ने घर में फोन कर कहा की वह आत्महत्या करने जा रहे हैं। एक आडियो भी भेजा था।
पुलिया के पास शारदा नहर में लगाई छलांग
कुछ देर बाद उन्होंने डीआरएम पुलिया के पास शारदा नहर में छलांग लगा दी। आसपास के लोगों ने सूचना मानकनगर पुलिस को दी। मानकनगर पुलिस ने खोजबीन के बाद शम्स को गोताखोरों की मदद से बाहर निकलवाया और लोकबंधु अस्पताल भेजा जहां मृत घोषित कर दिया गया। बेटे दानिश ने बताया कि पांच जून को तिकुनिया के पास पिता शम्स और मां को एक कार ने टक्कर मार दी थी।
घटना में उन्हें काफी चोटें आई थी। उन्होंने पारा थाने में गाड़ी नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया। बेटे का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की। इसी वजह से वह तनाव में थे। पारा इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि शम्स ने कई लोगों से कर्ज लिया था।
खबरें और भी
लोग उनसे रुपये वापस मांग रहे थे। सड़क हादसे का जो मामला बताया गया है उसका मुकदमा कोर्ट में है। जिस गाड़ी से टक्कर मारने की बात कही गई वह घटना के समय कानपुर में थी। इसके बावजूद शम्स के पक्ष से पांच लाख रुपयों की मांग की जा रही थी।