लखनऊ: झटके में बढ़ाया बिजली कनेक्शन का लोड, अब कह रहे समय लगेगा
लखनऊ में 3.67 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड अचानक बढ़ा दिया गया है, जिससे उनके मासिक बजट पर बोझ पड़ रहा है। उपभोक्ता लोड कम कराने के लिए बिजली विभाग के ...और पढ़ें

बिजली विभाग के चक्कर लगाने को विवश हैं उपभोक्ता। जागरण
HighLights
लखनऊ में 3.67 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड बढ़ा।
उपभोक्ता मासिक बजट बढ़ने से परेशान, विभाग के चक्कर लगा रहे।
लोड कम कराने के लिए तीन माह कम खपत की शर्त।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी में बिजली का लोड 3.67 लाख उपभोक्ताओं के बढ़ा दिए गए हैं। अब इनमें से सैकड़ों उपभोक्ता परेशान है। उनके महीने का बजट बढ़ गया है। बिजली विभाग ने अपना राजस्व बढ़ाने के लिए आम उपभोक्ताओं पर बोझ डाल दिया है।
इसको लेकर उपभोक्ता बिजली उपकेंद्रों का चक्कर लगाकर थक गए हैं। यही नहीं हेल्पलाइ नंबर 1912 पर भी शिकायत की लेकिन बिना निस्तारण के ही हल कर दी गई। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली शिविर तो लगे हैं लेकिन यहां से भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा है। अभियंता कह रहे हैं कि बिजली की खपत कम करो, तब लोड कम होगा।
वहीं उपभोक्ताओं का तर्क है कि उनके बिजली के लोड बिना पूछे बढ़ा दिए गए हैं, क्या बिजली विभाग उनके बिजली के लोड स्वत: कम करेगा। अब कहा जा रहा है कि बिजली का बिल के साथ प्रार्थना पत्र दीजिए, फिर सुनवाई होगी। ऐसे में हजारों उपभोक्ता परेशान है।
वहीं गोमती नगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग कहते हैं कि तीन माह तक अगर स्वीकृत लोड से कम खपत बिजली की होती है तो उपभोक्ता के कनेक्शन का लोड कम कर दिया जाएगा।
रजनी खंड बिजली उपकेंद्र पहुंचे उपभोक्ता विशाल कहते हैं कि उनका बिजली का लोड बिना पूछे बढ़ा दिया गया है। पहले कनेक्शन का लोड दो किलोवाट था। इनका तीन किलोवाट का लोड कर दिया गया। अभियंताओं से शिकायत की तो बिल देखकर कहा गया कि जुलाई माह का लोड दो किलोवाट के भीतर है, लेकिन अभी अगस्त व सितंबर में भी लोड दो किलोवाट के भीतर रखने की बात कहकर चलता कर दिया।
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अभियंताओं का तर्क है कि अक्टूबर में आना लेकिन दो किलोवाट से अधिक लोड नहीं होना चाहिए। इसी तरह गोमती नगर निवासी आरके यादव ने बताया कि उनका चार किलोवाट का कनेक्शन था जो पांच किलोवाट कर दिया गया था।
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उन्होंने अभियंताओं को बताया कि उन्होंने एक एयर कंडिशन पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसलिए उनका बिजली का लोड कम हो गया है। अभियंताओं ने जांचा तो चार किलोवाट आ रहा था। मौके पर जांच कराई गई और फिर शपथ पत्र देकर उनका लोड करने का आश्वासन दिया गया है।
यह स्थिति किसी एक या दो उपभोक्ता की नहीं है, शहर से लेकर गांवों तक उपभोक्ता बिजली का लोड कम करवाने के लिए परेशान है। क्योंकि घरेलू कनेक्शन का एक किलोवाट लोड बढ़ने पर 110 रुपये का बोझ हर माह उपभोक्ता पर पड़ता है। वहीं वाणिज्यिक कनेक्शन का लोड बढ़ने पर तीन सौ रुपये से अधिक को बोझ हर माह बढ़ता है।