लखनऊ में हर मकान-दुकान का होगा फायर सेफ्टी सर्वे, दरवाजों पर चस्पा किया जाएगा 'फायर स्कोर'
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) शहर की सभी दुकानों और मकानों का फायर सेफ्टी सर्वे कराएगा। निजी कंपनी के सहयोग से यह कार्य होगा, जिसमें आग से बचाव के उपाय ...और पढ़ें

राजधानी की हर दुकान व मकान का फायर सेफ्टी सर्वे कराएगा एलडीए।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, लखनऊ। अग्निकांड की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर की हर दुकान व मकान का फायर सेफ्टी सर्वे कराने का निर्णय लिया है।
इस कार्य में निजी कंपनी का सहयोग लिया जाएगा। घर व दुकान की जांच के बाद फायर स्कोर दरवाजे पर चस्पा किया जाएगा, ताकि भवन स्वामी आग से बचने का प्रबंध कर सके।
एलडीए ने अलीगंज हादसे की जांच कर रही एसआइटी के निर्देश पर यह कदम उठाने जा रहा है, कहा गया है कि लोगों को जागरूक करने के लिए फायर सेफ्टी की मानक संचालन प्रक्रिया यानि एसओपी तैयार की जाए। उसी के तहत अब राजधानी में बड़ा फायर सेफ्टी सर्वे कराया जाएगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया, इस कार्य की शुरुआत एलडीए की आधा दर्जन से अधिक कालोनियों गोमती नगर, अलीगंज, आशियाना, रुचि खंड, शारदा नगर, जानकीपुरम सहित अन्य से होगी।
इन कालोनियों में ही करीब दो लाख से अधिक मकान हैं। कंपनी प्रतिनिधि दस से उससे अधिक बिंदुओं का परीक्षण करेंगे यदि उनमें खामी है तो उसका भी उल्लेख करेंगे। फायर स्कोर निकाल कर घर व दुकान के पास चस्पा होगा ताकि भवन स्वामी उसे सुरक्षित करा सकें।
चौक, अमीनाबाद आदि में सर्वे बड़ी चुनौती
एलडीए अपनी आवासीय कालोनियों में आसानी से सर्वे करा सकता है वहीं चौक, अमीनाबाद, रकाबगंज, सहादतगंज सहित पुराने लखनऊ में सर्वे कराना बड़ी चुनौती होगी। रकाबगंज आदि में ऐसी गलियां हैं जहां एक आदमी ही निकल सकता है उनका फायर सेफ्टी सर्वे फेल होना तय है।
निजी कंपनी प्रतिनिधियों का घरों में प्रवेश आसान नहीं
एलडीए इन दिनों भवन व दुकानों की संपत्तियों की जांच के लिए केवाइसी करा रहा है। कई क्षेत्रों में कंपनी प्रतिनिधियों के आधार कार्ड आदि मांगने पर लोग भड़क गए थे। कई अधिकारी तक इसकी शिकायत कर चुके हैं। ऐसे में फायर सेफ्टी सर्वे निजी कंपनी प्रतिनिधियों का कर पाना आसान नहीं होगा। कई घरों में आसानी से प्रवेश नहीं मिलेगा।
खबरें और भी
मुख्य रूप में से इनका होगा परीक्षण
- फायर सेफ्टी सर्वे में भवन, बिजली, सामान, निकास और अभिलेख अहम होंगे
- भवन में प्रवेश व निकास के दो रास्ते हो। सीढ़ी, गलियारा चौड़ा हो। कहीं सामान जमा न हो
- घर व दुकान के आगे-पीछे खाली जगह हो ताकि जरूरत के समय फायर वाहन पहुंच सके
- भवना की ऊंचाई जी प्लस थ्री से ऊपर की बिल्डिंग में फायर एनओसी लेना अनिवार्य है
- घर व दुकान का मेन गेट बाहर की तरफ खुलना चाहिए। आग में फंसने का खतरा न हो
- जो बड़ी दुकान हो वहां हर 150 वर्गमीटर पर एक फायर एक्सटिंग्विशर जरूरी है।
- सिलेंडर का वजन व प्रेशर गेज सही होना चाहिए। साल में एक बार रिफिल कराएं
- बड़ी दुकान, माल व होटल आदि में फायर हाइड्रेंट हो, बेसमेंट, गोदाम में स्मोक डिटेक्टर हो
- घरों में लूज वायर, ज्वाइंट, ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिए। पीवीसी कंड्यूट में वायर हो
- एक साकेट पर 3-4 मल्टीप्लग न लगे हों। दुकान में एसी व फ्रिज का अलग सर्किट हो
- किचन व दुकान में एलपीजी सिलेंडर के लिए हवादार जगह हो
- पेट्रोल, पेंट व केमिकल दुकान में ज्वलनशील सामान अलग केबिन में दूर रखा हो
- कपड़ा व कागज आदि रैक पर रखे हों, बिजली के तार से टच न करें
यह भी पढ़ें- दिल्ली के पहाड़गंज में 30 लाख की रंगदारी के लिए फायरिंग करने वाले बिल्डर-होटल कारोबारी समेत पांच गिरफ्तार