जब Pink Toilet में भरा है सामान तो कहां जाएं महिलाएं? पढ़िए लखनऊ से ग्राउंड रिपोर्ट
लखनऊ में महिलाओं के लिए बने पिंक टॉयलेट अपने मूल उद्देश्य से भटक गए हैं। जांच में पता चला कि कई टॉयलेट सामान रखने के गोदाम बन गए हैं या ठेले वालों ने ...और पढ़ें

हनुमान सेतु मंदिर के निकट स्थित बंद पिंक टायलेट । जागरण
HighLights
पिंक टॉयलेट सामान रखने के गोदाम बने।
ठेले वालों ने टॉयलेट का रास्ता रोका।
रखरखाव के अभाव में सुविधा चरमराई।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए पिंक टायलेट अब अपने मूल उद्देश्य से भटक चुके हैं। जागरण संवाददाता ने जब जमीनी स्थिति जांची तो सामने आया कि कई स्थानों पर इन टायलेट्स के भीतर उपयोग की जगह ही नहीं बची है कहीं इन्हें सामान रखने के गोदाम में बदल दिया गया है, तो कहीं इनके बाहर ठेले लगाकर नाश्ते की दुकानें संचालित हो रही हैं।
ऐसे में महिलाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जरूरत पड़ने पर वे आखिर जाएं तो जाएं कहां। परिवर्तन चौक, निशातगंज और कैसरबाग जैसे व्यस्त इलाकों में महिलाओं को जब जरुरत लगती हैं तो वह माल या अन्य स्थानों पर टायलेट जाती हैं। पेश है रिपोर्ट...
टॉयलेट में भरा हुआ है सामान
परिवर्तन चौक की रीना ने बताया कि वह पास के पिंक टायलेट पहुंचीं, लेकिन अंदर देखा तो पूरा टायलेट सामान से भरा पड़ा था। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछा तो किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, मजबूरी में उन्हें पास के माल जाना पड़ा।
वहीं निशातगंज की पूजा का कहना है कि टायलेट के बाहर ठेला लगा होने के कारण अंदर जाने का रास्ता ही मुश्किल हो गया। उन्होंने बताया कि कई बार कोशिश के बाद भी जब सुविधा नहीं मिली, तो अब वे सीधे वहां गईं जो नगर निगम वाली टायलेट पैसा देकर सुविधाएं देती हैं।
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उधर कैसरबाग की शबाना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि महिलाओं के लिए बनाई गई यह सुविधा अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। उन्होंने बताया कि न तो साफ-सफाई है और न ही उपयोग की सही व्यवस्था, ऐसे में इन टायलेट्स का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा।
इन टायलेट्स का निर्माण महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, खासकर उन जगहों पर जहां सार्वजनिक सुविधाओं की कमी रहती है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रखरखाव और निगरानी के अभाव में ये व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। कई स्थानों पर साफ-सफाई की भी स्थिति खराब है, जिससे महिलाएं इनका उपयोग करने से कतराती हैं।