प्री-पेड स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द, अब वर्तमान बिल के साथ पेंडिंग Bill का कुछ अमाउंट हर माह करना होगा जमा
लखनऊ में प्रीपेड स्मार्ट मीटर उन उपभोक्ताओं के लिए समस्या बन गए हैं जिन पर पुराना बकाया है, क्योंकि अब उन्हें वर्तमान बिल के साथ बकाया राशि का कुछ हिस ...और पढ़ें

HighLights
पुराने बकाया वाले उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी।
वर्तमान बिल के साथ बकाया राशि का भुगतान अनिवार्य।
स्मार्ट मीटर ऐप से मिलते हैं कई फायदे।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर उन्हीं लोगों के लिए सिरदर्द बना हुआ है, जिन पर पुराना बकाया चला आ रहा है। क्योंकि वर्तमान बिल जमा करने के साथ ही कुल बकाया राशि का कुछ प्रतिशत हर माह जमा ही करना है। बकाएदार ऐसा नहीं कर रहे हैं।
शनिवार को लखनऊ मध्य जोन के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) मुकेश कुमार त्यागी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के एक किलोवाट वाले उपभोक्ता भी हैं और दस किलोवाट वाले उपभोक्ता भी।
कही कोई शिकायत नहीं है, शिकायत सिर्फ वहीं लोग कर रहे हैं, जो अभी तक समय से बिजली का बिल जमा नहीं करते थे, अब उन्हें जमा करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक जो उपभोक्ता यूपीपीसीएल स्मार्ट एप को डाउनलोड कर लेगा उसको इस सिस्टम से कोई परेशानी नहीं होगी।
बताए प्रीपेड स्मार्ट मीटर के सात फायदे
त्यागी ने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के सात फायदे हैं। जैसे स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बैलेंस पाजिटिव रखने पर रिचार्ज करने पर दो फीसदी की छूट मिलती है। एप के जरिए बिजली खपत पर निगरानी कर सकते हैं। रीडर आपके मीटर की फर्जी व गलत रीडिंग को फीड कर ज्यादा बिल नहीं बना सकेगा। मीटर का बैलेंस खत्म होने से पहले रिचार्ज करने के लिए बार-बार मैसेज आपको जागरूक करेगा।
वहीं, एप के जरिए आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है। इसके अलावा यूपीपीसीएल का स्मार्ट मोबाइल एप को डाउन करने पर सभी सूचनाएं हासिल होंगी और स्मार्ट प्रीपेड मीटर खराब होने पर उसकी सूचना खुद ही अफसरों को पता चल जाती। अभी तक मीटर खराब होने के बाद उपभोक्ताओं को चक्कर लगाना पड़ता था।