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    लखनऊ को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन की मेजबानी, देश का सबसे बड़ा विधायी आयोजन

    By Hemant Kumar Srivastava Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sun, 18 Jan 2026 02:28 PM (IST)

    UP News: देश के सबसे बड़े विधायी सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के अध्यक्ष तथा विधान परिषदों के सभापति उपस्थित रहेंगे। ...और पढ़ें

    विधान भवन प्रांगण

    विधान भवन प्रांगण

    HighLights

    1. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की उपस्थिति में 19 जनवरी को सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी राज्यापल आनंदीबेन पटेल

    2. देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्ष व विधान परिषदों के सभापति होंगे शामिल

    3. विधानभवन लखनऊ में 21 जनवरी तक चलेगा सम्मेलन

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ : देश के सबसे बड़े विधाई आयोजन की मेजबानी लखनऊ को मिली है। 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन एवं 62वें भारत में विधायी निकायों के सचिवों का सम्मेलन 19-21 जनवरी तक विधान भवन प्रांगण में होगा।

    लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को और मजबूत करने के लिए आयोजित इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश आ रहे हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 19 जनवरी को इसका उद्घाटन करेंगी। 21 जनवरी को इसके समापन सत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे।

    देश के सबसे बड़े विधायी सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के अध्यक्ष तथा विधान परिषदों के सभापति उपस्थित रहेंगे। उत्तर प्रदेश में इससे पहले वर्ष 2015 में यह आयोजन हुआ था।

    19 जनवरी को देश भर के विधानसभा और विधान परिषद सचिवों का सम्मेलन भी होगा। जिसमें बदलते राजनीतिक और प्रशासनिक परिवेश में विधानमंडलों के सचिवों की भूमिका, डिजिटल प्रक्रियाएं और कार्यप्रणाली में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

    सम्मेलन में 20 जनवरी के सत्र में पीठासीन अधिकारियों के स्तर पर विधायी संस्थाओं की भूमिका, कार्यकुशलता, संसदीय मर्यादा व लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में सदन संचालन की पारंपरिक और आधुनिक तकनीक, कार्यवाही के अनुशासन, विधायी कार्यों की गुणवत्ता, डिजिटल टूल्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले अतिथियों को अयोध्या, काशी, बौद्ध सर्किट सहित प्रदेश के अन्य स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा।

    अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहनों को प्रवेश नहीं

    तीन दिवसीय इस सम्मेलन को देखते हुए प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन विभाग ने 19 से 21 जनवरी के बीच सचिवालय के समस्त भवनों में अधिकारियों व कर्मचारियों के सरकारी व निजी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया है। लोक भवन, बापू भवन, मुख्य भवन, लाल बहादुर शास्त्री भवन और नियोजन भवन में अतिथियों को छोड़ अन्य वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।

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    सचिवालय के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे सम्मेलन को देखते हुए सार्वजनिक वाहन बस व मेट्रो से ही आएं। इस आशय की सूचना व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से सचिवालय कार्मिकों के बीच प्रसारित की गई है। यह आदेश मुख्य रूप से अनु सचिव व नीचे के अधिकारियों के लिए है।