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रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना: लवि ने कॉलेजों से मांगी छात्राओं की लिस्ट, गाइडलाइन न होने से प्राचार्य परेशान

Updated: Mon, 17 Aug 2026 03:39 PM (IST)

राज्य सरकार की रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय ने बिना स्पष्ट दिशानिर्देशों के छात्राओं के नाम मांगे हैं। इससे कॉलेजों को चयन प्रक्रिया और पात्रता को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. राज्य सरकार की रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना शुरू।

  2. लखनऊ विश्वविद्यालय ने बिना दिशानिर्देशों के नाम मांगे।

  3. कॉलेज चयन प्रक्रिया और पात्रता को लेकर चिंतित।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। राज्य सरकार ने रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक की छात्राओं को स्कूटी देने का निर्णय लिया है।इसके तहत शासन के निर्देश पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से स्नातक के शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं के नाम तो मांग लिए, लेकिन कोई गाइडलाइन नहीं जारी की।

किन वर्षों की छात्राओं को स्कूटी दी जानी है, चयन के क्या मानक हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसको लेकर परेशान कई कॉलेजों के प्राचार्यों ने कुलसचिव को पत्र लिखा है। उनका यह भी कहना है कि जो गूगल फार्म भरने का लिंक दिया गया, वो भी नहीं खुल रहा।

दरअसल, लवि की कुलसचिव डा. भावना मिश्रा ने लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर खीरी के प्राचार्यों को पत्र जारी किया है, जिसमें स्नातक स्तर के प्रवेश पाठ्यक्रमों के शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं की सूची मांगी है।

इसमें छात्राओं की एबीसीआइडी, आधार संख्या, वार्षिक आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र का क्रमांक व दिनांक की सूचना देनी है।सूचना के लिए अलग से गूगल फार्म भी दिया गया जो खुल ही नहीं रहा।

कॉलेजों ने गिनाई समस्याएं

खुन खुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अंशु केडिया ने लवि की कुलसचिव को पत्र लिखकर अपनी समस्या बताई है। पूछा है कि कॉलेज के किस वर्ष की स्नातक छात्राओं को शामिल करना है।

पत्र में जो गूगल लिंक दिया है वह खुल नहीं रहा। योजना में आय सीमा का मापदंड क्या है, कॉलेज में अभी छात्राओं की मार्कशीट नहीं मिली हैं।क्या बीएड की छात्राएं भी इसमें मात्र होंगी।

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इसके अलावा जो अभिलेख मांगे गए हैं, इतने कम समय में उपलब्ध कराने में देरी होगी।वहीं, नवयुग कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने मांगी गई सूचनाओं के संबंध में आ रही दिक्कतों के लिए पत्र लिखा है। उनका कहना है स्पष्ट गाइडलाइन के बिना चयन में दिक्कत आ रही है।