लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड पर धंसी सड़क, लागू किया गया डायवर्जन
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सरोजनी नगर के पास एलिवेटेड रोड दो जगह धंस गई और दरारें आ गईं, जिससे यातायात का ...और पढ़ें

ग्रीन फील्ड के बाद अब एलिवेटेड रोड देने लगी धोखा। जागरण
HighLights
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड सड़क दो जगह धंसी।
सैनिक स्कूल के पास यातायात का डायवर्जन किया गया।
हाल ही में बने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठे।
आशीष कुमार सिंह, लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के ग्रीन फील्ड पर अभी तक सड़क धंस रही थी, अब एलिवेटेड रोड भी धंसने लगी है। गुरुवार को कानपुर से आते वक्त सरोजनी नगर स्थित सैनिक स्कूल के पास किलोमीटर संख्या 14.6 के पास सड़क दो जगह धंस गई। यही नहीं एलिवेटेड रोड के बीच में प्रयोग किए गए एक्सपेंशन के बीच भी सड़क दब गई।
यहां कार्यदायी संस्था पीएनसी के कर्मियों ने बैरिकेडिंग करके रास्ता 20 अगस्त की शाम को बंद कर दिया और कानपुर से लखनऊ की तरफ आने वाले ट्रैफिक का डायवर्जन कर दिया। यही नहीं एक्सप्रेसवे के किनारे बनी दीवारों में भी दरार आ गई है। देर शाम तक यहां मरम्मत से जुड़ा काम चलता रहा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा बनाए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। अभी तक ग्रीन फील्ड पर ड्रेनेज बेहतर न होने की बात कहकर संबंधित अधिकारी पल्ला झाड़ने में लगे थे, अब एलिवेटेड रोड पर सड़क के धंसने और दरारें पड़ने पर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली है।
सरोजनीनगर स्थित गौरी बाजार से पहले बने कैप्टन मनोज पांडे सैनिक स्कूल से एलीवेटेड रोड एक्सप्रेसवे की शुरू हुई है। यहीं पर समस्या आई है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची कार्यदायी संस्था ने आनन फानन में बैरिकेडिंग करके मरम्मत शुरू कर दी। वहीं सवाल खड़ा होता है कि एलिवेटेड रोड अगर धंसती है तो बड़ी दुर्घटना हो सकता है। यहां ड्रेनेज जैसी कोई समस्या भी नहीं है। ऐसे में गुणवत्ता को लेकर यहां सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क पर यहां कई फीट तक दरारें भी देखी गई हैं।
दैनिक जागरण संवाददाता द्वारा मौके पर मौजूर कार्यदायी संस्था के कर्मियों से बात करने का प्रयास किया गया तो कुछ भी बोलने से संबंधित जिम्मेदार बचते रहे। उधर वाहनों की संख्या बढ़ने पर एलिवेटेड रोड से पहले एनएचएआइ की पेट्रोलिंग टीम वाहनों को लखनऊ कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग (एनएच 27) की ओर से निकाला। सड़क धंसने के साथ ही पिलर को जोड़ने वाले बीम की ऊपरी सतह पर भी दरार दिखाई देने से मामला और गंभीर हो गया है।
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बीम की ऊपरी सतह पर दिखाई दे रहे क्रैक वाले हिस्से में सीमेंट भरने का काम कराया जा रहा है। वहीं सड़क के धंसे हिस्से को भी दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं। मरम्मत के दौरान प्रभावित लेन पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे। बता दें कि 13 जुलाई 2026 को ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण हुआ है। अभी डेढ़ माह भी पूरे नहीं हुए हैं और खामियां सामने आने लगी हैं।
यात्रियों का तर्क है कि एक्सप्रेसवे पर इस तरह की खामियां नहीं आनी चाहिए। संबंधित विभाग को सड़क और पुल के हिस्सों की तकनीकी जांच कराकर निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की भी जांच करनी चाहिए। इस संबंध में जब लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
