यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Manoj Kumar Singh IAS: यूपी के मुख्य सचिव बनने के बाद मनोज कुमार की क्या हैं प्राथमिकताएं? तय किया है ये टारगेट
यूपी के नए मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से दैनिक जागरण के विशेष संवाददाता शोभित श्रीवास्तव ने विशेष बातचीत की। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का निर ...और पढ़ें

HighLights
- नवनियुक्त मुख्य सचिव बोले - जनसुनवाई आइजीआरएस को और बनाएंगे प्रभावी
- फुल स्पीड में पूरे होंगे निवेश प्रोजेक्ट, स्टेट जीडीपी में बढ़ाएंगे मैन्युफैक्चरिंग की भागीदारी
नवनियुक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण उनकी शीर्ष प्राथमिकता रहेगी। समस्या का सही व त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। जनसुनवाई समाधान (आइजीआरएस) पोर्टल को और प्रभावी बनाएंगे। निवेश के प्रोजेक्ट फुल स्पीड में पूरे कराए जाएंगे, ताकि प्रदेश में लोगों को रोजगार मिल सके। मैन्युफैक्चरिंग की भागीदारी स्टेट जीडीपी में बढ़ाएंगे। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से दैनिक जागरण के विशेष संवाददाता शोभित श्रीवास्तव की विशेष बातचीत के प्रमुख अंश...।
मुख्य सचिव बनने के बाद आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
जनता की समस्याओं का सही समय पर निराकरण हो यह प्राथमिकता होगी। इसके लिए आइजीआरएस को और प्रभावी बनाया जाएगा। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं में बहुत तेजी से काम करेंगे। मुझे अहम जिम्मेदारी मिली है इसे मैं चुनौती के बजाय बड़े अवसर के रूप में देखता हूं। मेरे लिए यह मौका है जब मैं प्रदेश की 24 करोड़ जनता की बेहतरी के लिए कुछ कार्य कर सकूं।
आपने अल्पकालिक व दीर्घकालिक क्या लक्ष्य तय किए हैं?
प्रदेश के सभी विभागों में आपसी समन्वय बनाकर जनता से जुड़ी योजनाएं धरातल पर उतारने के लिए तत्काल काम शुरू करेंगे। इस साल फरवरी में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निवेश योजनाओं का शिलान्यास किया गया था। अब हम भविष्य के निवेशकों को जमीन, आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर जल्द से जल्द कारखाने खुलवाएंगे। निवेश परियोजनाएं जमीन पर उतरेंगी तो उससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के विकास के लिए तथा अलग-अलग विभागों के लिए लक्ष्य तय कर रखें हैं, उन्हें तेजी से जमीं पर उतारना है।
आपके पास कुंभ 2019 कराने का पुराना अनुभव है, अब महाकुंभ 2025 आने वाला है, इसे कैसे पहले से बेहतर बनाएंगे?
वर्ष 2019 के कुंभ में जो अनुभव रहे हैं उसका लाभ लेते हुए अब 2025 का महाकुंभ उससे और भी भव्य व सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित कराया जाएगा। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता व सुरक्षित माहौल का अनुभव कराएंगे। यहां पर श्रद्धालुओं व पर्यटकों को पिछले कुंभ से और भी ज्यादा बेहतर अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
खबरें और भी
आपने नगर विकास विभाग भी लंबे समय तक देखा है, शहरों में अतिक्रमण की समस्या बढ़ती जा रही है। नाले-नाली चोक पड़े हैं इसके बारे में भी आपने कुछ सोचा है?
शहरों में अतिक्रमण की जो समस्या है उस पर अभियान चलाया जाएगा। शहरों को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। जहां से भी शिकायतें आएंगी उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कुछ प्लान सोच रखा है जल्द ही उसे आप लोगों से साझा करूंगा।
जनता की समस्याएं यदि जिला स्तर पर ही सुलझ जाएं तो उन्हें राजधानी न आना पड़े, इसके लिए क्या करेंगे?
यह बात सही है कि जनता को उनके स्थान पर ही न्याय मिल जाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन से जनता का सीधा जुड़ाव होता है। मेरा प्रयास होगा कि ब्लाक, तहसील और थाने स्तर पर आमजन को सुगमता से न्याय मिल सके और उनकी समस्याओं का निष्पक्ष तरीके समाधान हो सके।