यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के चार शहरों में घूमने आ रहे खूब पर्यटक, पर्यटन के मामले में लगातार दो साल से उत्तर प्रदेश नंबर वन
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग राज्य में आने वाले पर्यटकों के खर्च की जानकारी जुटाने के लिए एक सर्वेक्षण शुरू कर रहा है। यह सर्वेक्षण 1 सितंबर से शुरू होगा ...और पढ़ें

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- चिह्नित किए गए हैं प्रदेश के 247 पर्यटन स्थल
- चिह्नित किए गए हैं प्रदेश के 247 पर्यटन स्थल
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के खर्च की जानकारी जुटाएगा। इसके लिए पर्यटन स्थलों से लेकर रेलवे व बस अड्डों पर विभाग की तरफ से पर्यटकों का सर्वेक्षण करवाया जाएगा। पहली सितंबर से शुरू होने वाले सर्वेक्षण में पर्यटकों से इस बात की जानकारी एकत्र की जाएगी कि वह उत्तर प्रदेश में अपनी यात्रा के दौरान कितनी राशि खर्च कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लगातार दो वर्षों से पर्यटकों की संख्या के मामले में देश में पहले नंबर पर चल रहा है। पिछले वर्ष 48 करोड़ पर्यटकों ने प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया था। सबसे ज्यादा पर्यटक वाराणसी, मथुरा, आगरा व अयोध्या आए थे।
इस वर्ष अयोध्या में श्रीराम लला के मंदिर के निर्माण के बाद पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में दो गुना बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा रही है। इसीलिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में पर्यटकों का कितना योगदान है इसकी सही जानकारी निकालने के लिए यह सर्वेक्षण किया जाएगा।
प्रदेश के 247 पर्यटन स्थलों को किया चिह्नित
इसके लिए विभाग ने आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ लोकल सेल्फ गर्वंमेंट (एआइआइएलएसजी) के साथ मिलकर प्रदेश के 247 पर्यटन स्थलों को चिह्नित किया है। एआइआइएलएसजी की तरफ से 200 से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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पहली सितंबर से यह युवा पर्यटन स्थलों व उसके पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित ढाबों तथा खाने-पीने की दुकानों में आने वाले पर्यटकों का सर्वेक्षण करेंगे। साथ ही रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर भी सर्वेक्षण करके पर्यटकों के खर्च के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
इस बारे में विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि सर्वेक्षण के बाद पर्यटन से प्रदेश को होने वाली आय की सही जानकारी पता चलेगी। आमतौर पर एक पर्यटक भ्रमण के दौरान खाने-पीने व घूमने तथा स्थानीय वस्तुओं की खरीद पर कम से कम दो हजार रुपये खर्च करता है।