यूपी के माटी कला महोत्सव में हर दिन हो रही 6 लाख की बिक्री, अब तक हुआ 50 लाख का कारोबार
लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी भवन में माटी कला महोत्सव चल रहा है, जहां दीपावली के लिए मिट्टी के आकर्षक ...और पढ़ें

HighLights
माटी कला महोत्सव में दीपावली उत्पादों की भारी मांग।
अब तक 50 लाख रुपये से अधिक का कारोबार।
कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। दीपावली की तैयारियों के बीच मिट्टी से तैयार आकर्षक कलाकृतियां और सजावटी सामान लोगों को खूब भा रहे हैं। डालीबाग स्थित खादी भवन परिसर में माटी कला बोर्ड की ओर से आयोजित माटी कला महोत्सव में हर दिन करीब छह लाख रुपये की बिक्री हो रही है। सात नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में अब तक 50 लाख रुपये से अधिक का कारोबार हो चुका है। कारीगरों को उम्मीद है कि दीपावली नजदीक आने के साथ बिक्री में और तेजी आएगी।
महोत्सव में 40 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं। यहां मिट्टी के पारंपरिक बर्तनों से लेकर टेराकोटा की आकर्षक आकृतियां, दीपक, सजावटी सामान, तोरण द्वार और श्रीलक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं लोगों को आकर्षित कर रही हैं। घरों को पारंपरिक अंदाज में सजाने के लिए लोग मिट्टी से बने उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। खासकर दीपावली की सजावट के लिए तैयार की गई कलाकृतियों और रंग-बिरंगे सजावटी सामान की मांग अधिक है।
कारीगर सत्यार्थ तिवारी का कहना है कि इस महोत्सव से उन्हें सीधे ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होने के साथ ही मेहनत का उचित मूल्य भी मिल रहा है।
सरबजीत कौर ने बताया कि पहले जहां मिट्टी के उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों तक सीमित रहती थी, वहीं ऐसे आयोजनों से दूसरे जिलों के कारीगरों को भी अपने हुनर और उत्पादों की पहचान बनाने का मौका मिल रहा है।
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माटी कला बोर्ड के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी एलके नाग ने बताया कि दीपावली के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्राहक पारंपरिक मिट्टी के दीयों और प्रतिमाओं के साथ घर की सजावट के लिए नए डिजाइन भी पसंद कर रहे हैं। महोत्सव में सात नवंबर तक खरीदारी का मौका रहेगा।