लखनऊ में PNG पीएनजी के लिए अभी लंबी वेटिंग, कनेक्शन के लिए अप्लाई करने पर हैंग हो रही वेबसाइट
PNG Connection: आवेदन कर भी देते हैं तो भी तीन महीने से पहले कनेक्शन मिलना ही संभव नहीं है। ...और पढ़ें

ग्रीन गैस कार्यालय में कनेक्शन के लिए पहुंचे लोग l जागरण
HighLights
एलपीजी की किल्लत के बाद बढ़ रही पीएनजी कनेक्शन की मांग
ग्रीन गैस के कार्यालय पर लग रही कतार
एक महीने में उनको एलपीजी कनेक्शन कराना होगा बंद, जिनके घरों के बाहर पीएनजी लाइन
जागरण संवाददाता, लखनऊ। भारत सरकार का फरमान है कि जिन घरों के बाहर पीएनजी लाइन है उनको तीन माह में कनेक्शन लेकर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना है। उपभोक्ताओं के सामने मुसीबत यह है कि अगर आज आवेदन कर भी देते हैं तो भी तीन महीने से पहले कनेक्शन मिलना ही संभव नहीं है।
विकास नगर में रहने वाले रामेद्र सिंह ने शनिवार के कनेक्शन के लिए आवेदन कर छह हजार रुपये भी जमा कर दिए। कंपनी ने कहा कि कनेक्शन के लिए इंतजार कीजिए। तीन माह तक का समय लग सकता है। रामेंद्र की चिंता है कि अगर समय से कनेक्शन नहीं मिला तो कहीं एलपीजी कनेक्शन भी नहीं चला जाए। रामेंद्र की तरह ही हजारों उपभोक्ताओं को यही समस्या है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण एलपीजी सिलिंडर की किल्लत बढ़ी तो सरकार ने लोगों से पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) का कनेक्शन लेने को कहा है। इससे पीएनजी कनेक्शन की मांग बढ़ गई। कनेक्शन लेने के लिए ग्रीन गैस के कार्यालय, शहीद पथ पर लोगों की भीड़ जुट रही है। कई लोग ऐसे हैं जो महीनों से कनेक्शन के लिए दौड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
न्यू गड़ौरा,कानपुर रोड से कनेक्शन लेने पहुंची नवीन भूषण ने बताया कि उनके घर के बाहर तक पाइप लाइन है। कई बार प्रयास करने के बावजूद कर्मचारियों ने घर के अंदर कनेक्शन नहीं किया। एक बार उनसे किसी कर्मचारी ने कनेक्शन के लिए पांच हजार रुपये मांगे। करीब चार महीने हो गए, लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं मिला। आज बताया गया कि एक सप्ताह में काम हो जाएगा, लेकिन यह कितना सही है किसी को नहीं पता।
ट्रांसपोर्ट नगर निवासी विद्या भट्टाचार्या ने बताया कि पति चिन्मय भट्टाचार्य के नाम पर कनेक्शन लेना है। कुछ दिनों पहले तक कंपनी के लोग मुहल्ले में आते और कनेक्शन लेने को कहते थे। घर में गैस कनेक्शन के लिए फिटिंग करा ली। चार साल हो गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विद्या का कहना है कि सीवर के अंदर से गैस की पाइप लाइन है। नतीजतन आज आफिस आना पड़ा है। काम कब होगा समझ में नहीं आ रहा। कार्यालय में भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लखनऊ में पीएनजी का करीब तीन हजार किलोमीटर का नेटवर्क है जिसमें 80 हजार घरों में कनेक्शन हो चुके हैं। जहां पर पीएनजी का नेटवर्क है वहां पर अनुमानत: 90 से एक लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन की संभावनाएं हैं।
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नहीं आ रहा ओटीपी, फार्म भरने में मुश्किलें
सरकार के आदेश के बाद ग्रीन गैस लिमिटेड को इतनी बड़ी संख्या में कनेक्शन के लिए संसाधन जुटाने होंगे। ग्रीन गैस के पास वेंडरों की कमी बड़ी चुनौती है। मौजूदा समय में कंपनी के पास दो-तीन वेंडर ही मौजूद हैं जबकि कम से कम एक दर्जन की जरूरत है। आज के आदेश के बाद तो संख्या और बढ़ानी पड़ सकती है। वहीं कंपनी की वेबसाइट पर आन लाइन फार्म भरने में समस्याएं आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि ओटीपी ही नहीं आ रहा है जिससे आवेदन नहीं हो पा रहा है।
इन इलाकों में है पीएनजी का नेटवर्क
- गोमतीनगर के सभी खंड और विस्तार का इलाका।
- जानकीपुरम और जानकीपुरम विस्तार।
- रायबरेली रोड, अंसल, ओमेक्स, इंदिरा नगर के सभी सेक्टर।
- गौतम पल्ली, विक्रमादित्य मार्ग, गर्वनर हाउस, मेट्रो सिटी, निशातगंज, कैंट, आशियाना कालोनी, वृंदावन योजना, एलडीए कालोनी कानपुर रोड और सभी खंड, साउथ सिटी, शारदारनगर।
- अवध विहार और सभी खंड। विकासनगर और कुर्सी रोड। अलीगंज, महानगर, अयोध्या रोड, शहीद पथ और कानपुर रोड और राजाजीपुरम।