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यूपी 2027 के चुनाव में क्या रहेगी भाजपा की रणनीति? नितिन नवीन ने लखनऊ की बैठक में खोल दिए पत्ते

Published: Sun, 05 Jul 2026 04:33 PM (GMT+05:30)

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में सहयोगी दलों के साथ 2027 विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत सुनिश्चित करने पर मंथन किया।

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HighLights

  1. नितिन नवीन ने 2027 चुनाव में प्रचंड जीत पर जोर दिया।

  2. सहयोगी दलों संग जिला स्तर तक समन्वय पर चर्चा हुई।

  3. राजभर ने अधिकारियों की कार्यशैली, निषाद ने आरक्षण उठाया।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक में विधान सभा चुनाव 2027 में एनडीए की जीत सुनिश्चित करने पर मंथन किया।

भाजपा अध्यक्ष ने संदेश दिया कि आपसी समन्वय इस स्तर तक मजबूत होना चाहिए कि हम वर्ष 2027 में प्रदेश में तीसरी बार और प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएं। इस बैठक में सीटों के बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हुई। नवीन ने अगली बैठक दिल्ली में करने की बात सभी सहयोगी दलों के नेताओं से कही।

सहयोगी दलों के साथ अलग-अलग बैठकें

रविवार को होटल ताज में भाजपा अध्यक्ष ने चारों सहयोगी दलों के साथ अलग-अलग बैठकें की। सबसे पहले उन्होंने रालोद के राष्ट्रीय संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी के साथ बैठक की।जिसमें उनसे पूछा कि वर्ष 2027 चुनाव के लिए कैसे और क्या किया जाना चाहिए।

त्यागी ने जवाब दिया कि सभी सहयोगी दलों के बीच जिला स्तर तक समन्वय होना चाहिए। सम्मान मिलेगा तो सभी दल उत्साह से एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। रालोद को मानने वाले पूरे प्रदेश में हैं, और पार्टी पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

नवीन ने कहा कि भाजपा भी बेहतर समन्वय पर अधिक ध्यान दे रही है। मीडिया से बातचीत में त्यागी ने कहा कि हम 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे सिंबल अलग-अलग होंगे।

अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंत्री आशीष पटेल के साथ बैठक में भी भाजपा अध्यक्ष ने उनसे पूछा कि वर्ष 2027 चुनाव में जीत के लिए क्या किया जाए। जिस पर आशीष ने कहा कि सभी सहयोगी दल बेहतर समन्वय के साथ पूरे प्रदेश में मिलकर काम करेंगे, फिर से हमारी जीत सुनिश्चित है।

राजभर ने बताया जनजातियों का मुद्दा

भाजपा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में सुभासपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें बताया कि पार्टी ने 83 सीटों पर विधान सभा प्रभारी और सह प्रभारी बना दिए हैं। बूथ स्तर तक प्रशिक्षण का कार्यक्रम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोंड, खरवार, अर्कवंशी, बंंजारा, पाल, प्रजापति जैसी ऐसी कई जातियां हैं जो राजनीतिक रूप से सक्रिय तो हैं, लेकिन इनके पास राजनीतिक नेतृत्व नहीं है। इन जातियों को राजनीतिक नेतृत्व देने का सुझाव दिया। गोंड व खरवार जातियों का एसटी सर्टिफिकेट नहीं बनाए जाने का मुद्दा उठाया।

यह भी कहा कि प्रदेश में कुछ अधिकारियों के कारण थाने, तहसील और ब्लाक स्तर पर आम लोगों के काम नहीं हो रहे हैं, जिससे सरकार की छवि खराब हो रही है। इसे देखा जाना चाहिए।

राजभर ने सहयोगी दलों के बीच समन्वय बैठक कराने के साथ ही आजमगढ़, बस्ती और देवरिया में पार्टी द्वारा आयोजित किए जाने वाले बड़े कार्यक्रमों में भाजपा अध्यक्ष को आमंत्रित भी किया।

निषाद पार्टी के अध्यक्ष मंत्री डॉ. संजय निषाद ने भी सहयोगियों के साथ समन्वय बढ़ाने की बात कही। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष को बताया कि प्रदेश में निषादों की बड़ी संख्या है। निषादों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। निषाद आरक्षण परिभाषित करने का ज्ञापन भी दिया।

सभी सहयोगी दलों के नेताओं से भाजपा अध्यक्ष ने बेहतर समन्वय बनाने के साथ ही विधान सभा चुनाव में प्रचंड जीत की तैयारी में जुटने का संदेश दिया। सभी से कहा कि अगली बैठक हम लोग दिल्ली में करेंगे। बैठकों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह उपस्थित थे।

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