Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तर प्रदेश को चार वर्ष बाद मिला स्थायी DGP, राजीव कृष्णा के पुलिस महानिदेशक पद पर तैनाती का आदेश जारी

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sun, 31 May 2026 05:23 PM (IST)

    DGP UP Rajeev Krishna:  संघ लोक सेवा आयोग से भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर गहन मंथन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम के प्रस्ता ...और पढ़ें

    1991 बैच के आईपीएस अफसर राजीव कृष्णा अब स्थायी पुलिस महानिदेशक

    1991 बैच के आईपीएस अफसर राजीव कृष्णा अब स्थायी पुलिस महानिदेशक

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी

    2. 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी के पास था कार्यवाहक डीजीपी का चार्ज

    3. राजीव कृष्णा के पास बरकरार रहेगा निदेशक सतर्कता अधिष्ठान का पद

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस को चार वर्ष बाद पुलिस महानिदेशक मिला है। अभी तक कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक की भूमिका में काम कर रहे 1991 बैच के आईपीएस अफसर राजीव कृष्णा अब स्थायी पुलिस महानिदेशक हो गए हैं।  उनकी सेवानिवृत्ति 30 जून 2029 में है। यानी विधानसभा चुनाव 202में सुरक्षा दायित्व उन पर ही रहेगा।

    राजीव कृष्णा पिछले एक वर्ष से कार्यकारी पुलिस महानिदेशक बने हुए थे। राजीव कृष्णा जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राजीव कृष्णा की नियुक्ति का आदेश अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने जारी किया। राजीव कृष्णा के पास निदेशक सतर्कता अधिष्ठान का भी चार्ज रहेगा।

    योगी आदित्यनाथ सरकार ने 11 मई 2022 को राज्य के डीजीपी मुकुल गोयल को उनके पद से हटा दिया था। उसके बाद से सरकार तकनीकी कारणों और कभी भरोसे के अभाव में पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त नहीं कर पायी। डीएस चौहान, राजकुमार विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार के रूप में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किये। 2024 का लोकसभा चुनाव भी कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार ने ही कराया। 31 मई 2025 को प्रशांत कुमार के सेवानिवृत होने के बाद सरकार ने 1991 बैच के आइपीएस राजीव कृष्ण को को पांचवां कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया। 

    उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थायी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी की थी। इस पद के लिए शासन स्तर पर तीन सीनियर आईपीएस अधिकारियों रेणुका मिश्रा (1990 बैच), पियूष आनंद (1990 बैच) और राजीव कृष्णा (1991 बैच) के नामों का एक पैनल तैयार कर भेजा गया था। इन तीनों योग्य और वरिष्ठ दावेदारों के पैनल में से अंततः वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाल रहे राजीव कृष्णा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वसनीय अफसर के नाम पर मुहर लगा दी है।

    खबरें और भी

    संघ लोक सेवा आयोग से भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर गहन मंथन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। मुकुल गोयल के मई 2022 से पद से हटने के बाद अब यूपी पुलिस को पूर्णकालिक डीजीपी मिला है। मुकुल गोयल के हटने के बाद से अब तक डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी रहे।

    इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग करने वाले राजीव कृष्णा वर्ष 2024 में महानिदेशक पद पर प्रोन्नत हुए थे। उनके स्थायी डीजीपी नियुक्त होने से उत्तर प्रदेश को चार वर्ष बाद स्थायी पुलिस प्रमुख मिला है। पुलिस सेवा में विभिन्न पदों पर कार्य किया है और 2024 में पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए हैं।

    गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्णा का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके बाद भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी की भर्ती 15 सितंबर 1991 को हुई थी और 21 अक्टूबर 1993 को कन्फर्म हुए तो दस अक्टूबर 1995 को उन्हें सीनियर स्केल मिला।

    यह भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में दहेज उत्पीड़न और चेक बाउंस के प्रकरण में अब सीधे FIR नहीं करेगी पुलिस

    राजीव कृष्णा नौ अगस्त 2005 को वे सिलेक्शन ग्रेड में पहुंचे। अगस्त 2007 को पुलिस उपमहानिरीक्षक और नवंबर 2010 को पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रमोट हुए। एक जनवरी 2016 को उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक का पदभार मिला और एक फरवरी 2024 को पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए।

    यह भी पढ़ें- यूपी पुलिस करेगी पूरी तैयारी, खास एक्ट में आरोपपत्र से पहले अभियोजन की 'एनओसी' अनिवार्य