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    SIT की जांच में चंपतराय समेत 14 पर आंच, FIR समेत कई बड़ी सिफारिशें, चोरी में 25 से 30 लोगों की सीधी भूमिका

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 04:56 PM (IST)

    SIT ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित 14 लोगों को आरोपी बन ...और पढ़ें

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    1. SIT ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट सौंपी।

    2. FIR, ट्रस्ट पुनर्गठन, सीईओ नियुक्ति की सिफारिश।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

    मंगलवार को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई 20 पन्नों की जांच रिपोर्ट में एसआईटी ने जिम्मेदारों पर सवाल उठाने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की सिफारिश की है।

    सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की अब तक की जांच में ट्रस्ट महासचिव चंपतराय, सदस्य डाॅ. अनिल मिश्र, व्यवस्थापक गोपाल राव, व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव ‘टिन्नू’ सहित कुल 14 लोगों पर आंच आ सकती है।

    अब तक की जांच में एसआईटी ने मंदिर में नकदी चोरी के अलावा भक्तों द्वारा दान किए गए कुछ आभूषणों के भी गायब होने को रिपोर्ट का हिस्सा बनाया है।

    रिपोर्ट में चढ़ावे की गणना से जुड़े कर्मचारियों की भर्ती, निगरानी व्यवस्था में खामियां, ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों, बैंक के कर्मचारियों व अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला बीती सात जून को चर्चा में आने के बाद सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को लखनऊ के मंडलायुक्त डा. विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 15 जून से मामले की जांच शुरू की थी।

    सरकार ने एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। एसआईटी ने फिलहाल ट्रस्ट व बैंक से जुड़े आरोपितों सहित 150 लोगों से पूछताछ की जानकारी रिपोर्ट में दी है।

    जांच के दौरान दर्ज किए गए कई बयान ट्रस्ट के उपलब्ध अभिलेखों से मेल नहीं खा रहे हैं। ऐसे में एसआईटी मामले की जांच का दायरा और बढ़ा सकती है।

    सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का ऑडिट कराने का भी सुझाव दिया है। राज्य सरकार जल्द ही इस रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी। इसके बाद गृह मंत्रालय यह तय करेगा कि ट्रस्ट में किन सदस्यों को हटाया जाए।

    सेवादारों को गबन की जानकारी पहले से थी

    चढ़ावा चोरी मामले में पांच आरोपितों लवकुश, अविनाश, अनुकल्प, करुणेश और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर दो करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। एक सप्ताह की जांच में कई प्रकार की खामियां मिलीं हैं और दानपात्रों की चाभी रामशंकर उर्फ टिन्नू के पास पाई गईं। यह भी पता चला है कि सेवादारों को गबन की जानकारी पहले से थी।

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    सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने मंदिर के प्रबंधन के लिए पेशेवर तरीका अपनाने, दान राशि की गणना का साप्ताहिक ऑडिट कराने, प्रतिदिन चढ़ावे में आने वाली राशि की एंट्री कराने, सीसीटीवी कैमरों का डाटा स्टोरेज 45 दिन से बढ़ाकर 180 दिन करने व आरोपितों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने की सिफारिश की है।

    एसआईटी के अध्यक्ष ने कहा कि प्रारंभिक गोपनीय जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह को सौंपी गई है। अभी तक की जांच में जो जानकारियां सामने आईं हैं, उन्हें रिपोर्ट का हिस्सा बनाया गया है।

    रिपोर्ट में यह भी है खास

    जांच रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी से लेकर कमीशनखोरी तक के साक्ष्य जुटाए गए हैं। साथ ही मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति व गणना प्रक्रिया में भी हेरफेर की आशंका जताई गई है। चढ़ावा चोरी में 25 से 30 लोगों की सीधी भूमिका सामने आ रही है। बिना तलाशी के मंदिर कर्मियों की आवाजाही पर भी सवाल उठाया गया है।

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