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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Swami Prasad Maurya: सनातन धर्म पर अब स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने द‍िया बयान, श्‍लोक के जर‍िए कही ये बड़ी बात

    By Jagran NewsEdited By: Vinay Saxena
    Updated: Thu, 14 Sep 2023 09:08 PM (IST)

    स्‍वामी प्रसाद ने ल‍िखा पृथ्वी वायु जल नभ ये सभी हमें जीवन देतें हैं ये पहले भी देतें रहे हैं और आगे भी देतें रहेंगे यही सनातन है। प्रत्येक बच्चा मां ...और पढ़ें

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया के माध्‍यम से रखा अपना पक्ष।
    स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया के माध्‍यम से रखा अपना पक्ष।

    लखनऊ, ऑनलाइन डेस्‍क। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने सनातन धर्म को लेकर अपना पक्ष रखा है। स्वामी प्रसाद ने सोशल मीडिया के माध्‍यम से कहा कि प्रत्येक बच्चा मां की पेट से पैदा होता है, यह सनातन है। मानवता का सम्मान, समता का व्यवहार, सबको न्याय ही सनातन है। लेक‍िन, जाति-पाति, छुआछूत, ऊंच-नीच, पैर से शूद्र की उत्पत्ति बताना, सनातन नहीं बल्‍क‍ि मानवता के लिए अभिशाप व कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी है।

    सपा नेता ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एक पोस्‍ट में ल‍िखा, ''सनातन एक ऐसा व्यावहारिक सत्य है, जो प्रत्येक देश-काल, परिस्थिति में अपने गुणों व कार्यों से जीवनन्तता बनाये रखता है। सनातन सत्य है, शास्वत है, व्यावहारिक है, वैज्ञानिक है जैसे सूर्य हमें प्रकाश देता है, लाखों साल पहले भी देता था और आगे भी देता रहेगा।''

    'सनातन, सनातन था, है और आगे भी रहेगा'

    स्‍वामी प्रसाद ने आगे ल‍िखा, ''पृथ्वी, वायु, जल, नभ ये सभी हमें जीवन देतें हैं, ये पहले भी देतें रहे हैं और आगे भी देतें रहेंगे, यही सनातन है। प्रत्येक बच्चा मां की पेट से पैदा होता है, यह सनातन है। मानवता का सम्मान, समता का व्यवहार, सबको न्याय ही सनातन है। न हि वेरेन वेरानि, सम्मन्तीध कु दाचनं। अवेरेन च सम्मन्ति, एस धम्मो सनन्तनो।। (धम्मपद, बुद्धोपदेश) सनातन, सनातन था, है और आगे भी रहेगा।''

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    स्‍वामी प्रसाद मौर्य ने ल‍िखा, ''जाति-पाति, छुआछूत, ऊंच-नीच, भेदभाव, विषमता, ढोंग-ढकोसला, कुरीतियां तथा मुंह से ब्राह्मण, बाहु से क्षत्रिय, जंघे से वैश्य, पैर से शूद्र की उत्पत्ति बताना, सनातन नहीं अपितु मानवता के लिए अभिशाप व कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक बीमारी है।''

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