समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप, यूपी में बंद हुए 26 हजार से अधिक सरकारी स्कूल
Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए मर्जर के नाम पर 26,386 स ...और पढ़ें
HighLights
लखीमपुर खीरी में बंद हुए सर्वाधिक 758 स्कूल
कम किए गए शिक्षकों के 1.40 लाख स्वीकृत पद
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार से शुरू हो रहे विधानमंडल सत्र से एक दिन पहले सरकार को घेरा है। उन्होंने मीडिया के समक्ष प्रदेश में बंद हुए बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का आंकड़ों भी पेश किया।
अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए मर्जर के नाम पर 26,386 स्कूल बंद किए हैं। इसी प्रकार कक्षा एक से आठ तक के 1.40 लाख शिक्षकों के स्वीकृत पदों को सरकार ने कम कर दिया है। प्राइमरी स्कूलों के 62,465 शिक्षकों की संख्या कम हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सात हजार स्कूलों में बिजली नहीं हैं। 23 हजार स्कूलों में छात्राओं के लिए सक्रिय शौचालय की व्यवस्था नहीं है। 576 स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं है। करीब 23 हजार स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं है। अखिलेश यादव ने सरकारी डेटा के साथ सरकार की असलियत बताई। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में 26000 सरकारी स्कूल बंद किए गए और 20 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। इतना ही नहीं 12000 से अधिक पिछड़ों व दलितों के लिए आरक्षण पद की भी चोरी हुई है।
सपा मुख्यालय में रविवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इस मुद्दे को सपा विधान सभा में उठाकर सरकार की दावों की पोल खोलेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में 28.32 लाख विद्यार्थियों का नामांकन घटा है। इनमें 16 लाख छात्राएं भी शामिल हैं। भाजपा सरकार ने एक भी शिक्षक की भर्ती साढ़े नौ वर्षों नहीं की है, जबकि 81,821 शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं।
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सपा अध्यक्ष ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से दावा किया कि वर्ष 2017 में राज्य में 113938 प्राइमरी स्कूल थे, जबकि वर्ष 2026 में इसकी संख्या घटकर 87,552 रह गई है। लखीमपुर खीरी में सर्वाधिक 758, सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 व गोरखपुर में 487 प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पीडीए समाज को शिक्षित होने से रोकना चाहती है। यही वजह है कि सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी प्राइमरी स्कूलों में ओबीसी वर्ग के 53.37 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि एससी वर्ग के 31.25 लाख, सामान्य वर्ग के 9.50 लाख और एसटी के 1.18 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपने करीबी के निजी स्कूल खुलवाने के लिए सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। यही वजह है कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में 3440 प्राइवेट प्राइमरी स्कूल खोले गए हैं।
राज्य में एक्सप्रेसवे के निर्माण में भ्रष्टाचार
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में एक्सप्रेसवे के निर्माण में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरु होते ही टूटने लगा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का भी यही हाल है। चंदी चोरी किया जा रहा है। रामघन में चोरी की जा रही है।
उन्होंने ई-20 ईंधन को लेकर कहा कि अगर इससे माइलेज बढ़ता है और यह अच्छा विकल्प है तो कंपनियां इसका प्रचार क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने जेपीएनआइसी को लेकर कहा कि सपा की सरकार आने पर इसकी दूसरी इमारत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के जेन-जी व अल्फा भी सरकार की कारगुजारी देख रहे हैं।