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    उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण के 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी, शेष की 27 तक होगी

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sat, 07 Mar 2026 01:18 PM (IST)

    Special Intensive Revision in UP: दावा-आपत्तियों की प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण किया गया। ...और पढ़ें

    प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

    प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

    HighLights

    1. शिकायतों के निस्तारण और पोर्टल पर नागरिकों से मिली रेटिंग में उत्तर प्रदेश देश में नंबर पर

    2. छह मार्च तक प्राप्त दावों और आपत्तियों में 44,952 नाम हटाए गए

    3. शेष मामलों की सुनवाई के लिए 27 मार्च तक का समय निर्धारित

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत नामों का सत्यापन और निरस्तीकरण के 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी की गई है।

    प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि SIR शेष मामलों की सुनवाई के लिए 27 मार्च तक का समय निर्धारित किया गया है। छह जनवरी से शुरू हुई विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को दो बार समय बढ़ाकर लगभग दो महीने तक चलाया गया।

    नवदीप रिणवा ने बताया कि छह मार्च तक प्राप्त दावों और आपत्तियों में से 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी कर ली गई है। छह मार्च तक आए आवेदन से कुल 44,952 मतदाताओं के नाम फार्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें से 37,132 मतदाताओं ने स्वयं फार्म-7 भरकर नाम कटवाया, क्योंकि वे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके थे या किसी अन्य कारण से अपने नाम हटाना चाहते थे।

    उन्होंने बताया कि इसके अलावा 7,820 आपत्तियां अन्य व्यक्तियों ने दर्ज कराई थीं, जिनमें से जांच के बाद करीब पांच हजार मामलों में संबंधित मतदाताओं की मृत्यु होने की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए। नामों में संशोधन और प्रवासी मतदाताओं से संबंधित फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-6ए के तहत बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों की जांच निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है। शिकायतों के निस्तारण और पोर्टल पर नागरिकों से मिली रेटिंग के मामले में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक रहा है।

    उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ 25 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी की गई थी। जिनमें से 3.06 करोड़ नोटिस मतदाताओं को प्राप्त भी कराए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण किया गया। अब तक 86 प्रतिशत मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। दावा-आपत्तियों की प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है। दावा-आपत्तियों की प्रक्रिया के लिए 403 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तैनात किए गए और 5621 स्थानों पर सुनवाई आयोजित की गई।

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    प्राप्त फॉर्म का विवरण

    ▪ फॉर्म-6 (नए मतदाता): 86,69,073
    ▪ दावा-आपत्तियों के फॉर्म: 70,69,710
    ▪ फॉर्म-7 (नाम हटाने के लिए): 3,18,140।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया था कि वह सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं को अथवा उनके नामित प्रतिनिधियों को यथासंभव सहायता प्रदान करें। जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सुनवाई स्थल पर मतदाताओं को कम से कम समय व्यतीत करना पड़े।

    मिलान न कराने वाले मतदाताओं की सुनवाई के यह निर्देश जारी किए गए कि मतदाताओं को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए सुनवाई प्रक्रिया में मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी जा सकती है। जो मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनकी ओर से किसी भी व्यक्ति को सुनवाई के लिए उपस्थित होने के लिए लिखित रूप में हस्ताक्षर कर अथवा अगूठे का निशान लगाकर अधिकृत किया गया है।

    मतदाताओं की सुविधा के लिए ईआरओ और एईआरओ ने मतदान केन्द्रों पर भी सुनवाई की। बूथ लेवल अधिकारी भी मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने में सहयोग कर रहे थे। इससे मतदाताओं को भी न्यूनतम दूरी तय करनी पड़ी तथा मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित भी हो रहे थे। तार्किक विसंगति के लिए समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बीएलओ नोटिस को मतदाता अथवा उसके संबंधी को देकर पावती व फोटो को अपलोड करेगा तथा संबंध का अभिलेख एवं विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का अश एवं अपनी घोषणा बीएलओ ऐप पर अपलोड करेगा।

    सुनवाई से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े

    • 06 जनवरी, 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल मतदाता 12,55,56,025
    • पुरुष मतदाताओं की संख्या- 6,88,43,159 (54.83%)
    • महिला मतदाताओं की संख्या- 5,67,08,747 (45.17%)
    • तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या- 4,119 (0.01% से कम)

    नोटिसों की सुनवाई

    • मिलान न कराने वाले मतदाताओं की कुल संख्या- 1.04 करोड़
    • मिलान में तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं की संख्या- 2.22 करोड
    • नोटिस जारी किये जाने की प्रथम तिथि- 14 जनवरी, 2026
    • नोटिस सुनवाई की प्रथम तिथि- 21 जनवरी, 2026
    • जनरेटेड नोटिसों की कुल सख्या- शत-प्रतिशत
    • नोटिस वितरण - 93.8%
    • 06 मार्च, 2026 तक सुनवाई- 85.8%
    • सुनवाई के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सख्या -403
    • सुनवाई के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की संख्या -12,758
    • नोटिस सुनवाई केंद्रों की संख्या- 5,621

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