सोनभद्र में मिला 3.02 मिलियन टन लौह अयस्क का विशाल भंडार, बदलेगा यूपी का औद्योगिक भविष्य
सोनभद्र में 3.02 मिलियन टन लौह अयस्क का विशाल भंडार मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 1200-1450 करोड़ रुपये है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इसकी ...और पढ़ें
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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। सोनभद्र की धरती ने एक बार फिर अपना खजाना खोल दिया है। इस बार जमीन के नीचे छिपा लौह अयस्क का बड़ा भंडार सामने आया है, जिसने प्रदेश के खनन और औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने की उम्मीद जगा दी है।
करीब 3.02 मिलियन टन लौह अयस्क के नए ब्लॉक की खोज न सिर्फ राजस्व को बढ़ाएगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगी। लाैह अयस्क की अनुमानित कीमत 1200 से 1450 करोड़ बताई जा रही है। यह खोज प्रदेश में खनिज संपदा को मजबूत करने के साथ उद्योग, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगी।
भूवैज्ञानिक रिपोर्ट भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ), उत्तरी क्षेत्र, लखनऊ ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर बुधवार को राज्य सरकार को सौंप दी। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉक-डी में लौह अयस्क की औसत मात्रा 39.73 प्रतिशत पाई गई है।

इसे व्यावसायिक मानकों के अनुसार 35 प्रतिशत कट-ऑफ ग्रेड पर आंका गया है, जो खनन के लिहाज से उपयुक्त माना जाता है। इस ब्लॉक की खोज वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से की गई है। जीएसआई ने अन्वेषण कार्य पूरा कर यह ब्लॉक प्रदेश सरकार को हस्तांतरित किया है।
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सरकार इस ब्लॉक को माइनिंग लीज पर देने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया अपनाएगी। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और खनन कार्य को तेज गति मिलेगी। खनन शुरू होने के बाद राज्य सरकार को राजस्व में अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद है। विभाग की सचिव माला श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना से सोनभद्र जिले में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
लौह अयस्क के इस नए स्रोत से प्रदेश में लौह एवं इस्पात उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और ‘मेक इन इंडिया’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी मजबूती मिलेगी। प्रदेश को खनिज संपदा के क्षेत्र में प्रदेश को सशक्त बनाएगी। इससे औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन को नया आयाम मिलेगा।