यूपी के 99 हजार+ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देगी योगी सरकार, नौकरी पाने की राह होगी आसान
उत्तर प्रदेश में नए सत्र से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दिन 957 प्रशिक्षण प्रदाताओं को 99,075 ...और पढ़ें

HighLights
99,075 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का लक्ष्य जारी।
गुणवत्ता, क्षमता और ग्रेडिंग पर आधारित लक्ष्य आवंटन।
प्रशिक्षण केंद्रों की तैयारी का समय 30 दिन किया गया।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कौशल देने के लिए नए सत्र में तैयारी शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले ही दिन 957 प्रशिक्षण प्रदाताओं को 99,075 युवाओं के प्रशिक्षण का लक्ष्य जारी कर दिया गया है। खास बात यह है कि पहली बार लक्ष्य आवंटन गुणवत्ता, क्षमता और ग्रेडिंग के आधार पर किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और असरदार बनाने की कोशिश की गई है।
इस बार कई बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदाताओं की ग्रेडिंग को सार्वजनिक कर दिया है। मार्च में हुई ग्रेडिंग में 619 निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं को ए से ई श्रेणी में बांटा गया है। इसके अलावा 47 इंडस्ट्रियल और 291 सरकारी प्रशिक्षण पार्टनर भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि लक्ष्य आवंटन में अब देरी नहीं होगी। प्रशिक्षण केंद्रों की तैयारी के लिए पहले 90 दिन का समय मिलता था, जिसे घटाकर अब 30 दिन कर दिया गया है। इससे केंद्र जल्दी शुरू होंगे और ज्यादा समय प्रशिक्षण पर दिया जा सकेगा।
साथ ही इस बार लक्ष्य देने से पहले केंद्रों की वास्तविक क्षमता का जमीनी आकलन भी किया गया है, ताकि निष्क्रियता की समस्या खत्म हो सके। नई व्यवस्था में प्रशिक्षण प्रदाता जरूरत के मुताबिक टाप-अप लक्ष्य भी मांग सकेंगे।
प्रशिक्षण को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी, साफ्ट स्किल ट्रेनिंग, इंडस्ट्रियल विजिट और प्रशिक्षण का लाइव प्रसारण को अनिवार्य किया गया है। सभी 75 जिलों में प्रशिक्षण केंद्रों को स्वीकृति दी गई है।
दिव्यांगों और महिलाओं की भागीदारी
प्रशिक्षण में कम से कम 33 प्रतिशत महिलाओं और पांच प्रतिशत दिव्यांगों की भागीदारी सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। जिलेवार लक्ष्य में बिजनौर (5000) और लखनऊ (4900) सबसे आगे हैं। सेक्टर की बात करें तो हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा 42,425 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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इसके अलावा गृह सज्जा, मीडिया, मनोरंजन, इलेक्ट्रानिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, हैंडीक्राफ्ट, ब्यूटी एंड वेलनेस, आइटी, आटोमोटिव, ग्रीन जाब्स, टेलीकाम, ऊर्जा, निर्माण, लाजिस्टिक, कैपिटल गुड्स आदि अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मिशन निदेशक पुलकित खरे का कहना है कि इन बदलावों से न सिर्फ प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने में भी तेजी आएगी।