लखनऊ में CM ऑफिस के बाहर आत्मदाह का प्रयास, जमीन विवाद के कारण चाचा- भतीजे ने डाला ज्वलनशील पदार्थ
Lucknow Crime: गेट के पास पहुंचकर दोनों अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास करने लगे तभी पास मौजूद आत्मदाह निरोधक दस्ते की टीम और पुलिस ने उन्हें ...और पढ़ें
HighLights
लोकभवन के सामने शुक्रवार को आत्मदाह का प्रयास करने वालों को पुलिस ने पकड़ा
परिवार के ही एक व्यक्ति से उनका पुश्तैनी जमीन का विवाद
जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी के दुबग्गा क्षेत्र के लीला खेड़ा कटौली गांव से शुक्रवार की सुबह लोकभवन के सामने पहुंचे राम गणेश और उनके भतीजे सतीश कुमार गौतम ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद आत्मदाह निरोधक दस्ते और सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें पकड़ लिया।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले चाचा और भतीजे को हजरतगंज पुलिस को सौंपा गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि परिवार के ही एक व्यक्ति से उनका पुश्तैनी जमीन का विवाद चल रहा है और कहीं सुनवाई नहीं हो रही। पूछताछ के आधार पर हजरतगंज पुलिस ने दुबग्गा पुलिस को घटना की जानकारी दी है।
राम गणेश अपने भतीजे सतीश कुमार गौतम के साथ सुबह लोकभवन के गेट नंबर नौ के पास पहुंचे। दोनों के हाथ में पेयजल वाली बोतल थी और इसके ऊपर टेप लगा हुआ था। बोतल के अंदर ज्वलनशील पदार्थ भरा था। गेट के पास पहुंचकर दोनों अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालने का प्रयास करने लगे तभी पास मौजूद आत्मदाह निरोधक दस्ते की टीम और पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
दोनों को पुलिसकर्मी हजरतगंज थाने लेकर पहुंचे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि गांव में ही उनकी पुश्तैनी जमीन है। परिवार के ही एक व्यक्ति ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस पर कब्जा कर लिया है।
आरोप है कि लगभग छह वर्षों से वह थाने और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। हजरतगंज के सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश वर्मा ने बताया कि पूछताछ के आधार पर दुबग्गा पुलिस को सूचना दी गई है। प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित है।
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यह है विवाद
लीला खेड़ा कटौली गांव में राम गणेश व मिठाई लाल का विवाद है। मिठाई लाल, रमेश व सोहन तीन भाई हैं। इनका राम गणेश से जमीन का विवाद है। शिकायत के बाद उपजिलाधिकारी मलिहाबाद के आदेश से पैमाइश हुई थी। पैमाइश में राम गणेश के कब्जे वाली जमीन मिठाई लाल के पक्ष में निकली। राम गणेश ने पुनः इसका मुकदमा दाखिल कर दिया। इसके बाद भी वह मुकदमा हार गए थे।