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लखनऊ में उच्च शिक्षा निदेशक का औचक निरीक्षण, राजकीय महाविद्यालय से शिक्षक व कर्मचारियों के साथ छात्र-छात्राएं नदारद

By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Wed, 08 Apr 2026 04:41 PM (IST)

Surprise Inspection:  निदेशक ने प्राचार्य को निर्देश दिए कि उपस्थिति पंजिका कार्यालय में ही रखी जाए और निरीक्षण के समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। इ

उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बीएल शर्मा

उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बीएल शर्मा

HighLights

  1. राजकीय महाविद्यालय लतीफनगर, सरोजनी नगर के अनुपस्थित शिक्षकों व कर्मचारियों को नोटिस जारी

  2. लापरवाही से नाराज निदेशक ने दी वेतन रोकने की चेतावनी

  3. दस बजे तक डिग्री कालेज में मौजूद नहीं थे एक भी छात्र-छात्रा

जागरण संवाददाता, लखनऊ। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. बीएल शर्मा ने बुधवार को राजकीय महाविद्यालय लतीफनगर, सरोजनीनगर में औचक निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों व कर्मचारी गायब मिले। इसके बाद तो उनका पारा चढ़ गया।

उच्च शिक्षा निदेशक के निरीक्षण के दौरान काफी अव्यवस्था और लापरवाही सामने आई। निदेशक सुबह 10:25 बजे पहुंचे। ‍उनके निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय में सिर्फ वाणिज्य विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. ममता मधुर और तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारी ही उपस्थित मिले, जबकि अन्य सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।

निरीक्षण के दौरान न केवल अधिकांश स्टाफ गैरहाजिर रहा, बल्कि उपस्थिति पंजिका भी प्राचार्य कक्ष में उपलब्ध नहीं थी। इस पर सभी अनुपस्थित शिक्षकों व कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दो दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त निदेशक डा. शशि कपूर की ओर से जारी नोटिस के अनुसार निदेशक के निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक प्राचार्य डा. सुधा और रसायन विज्ञान के डा. अमित कुमार यादव लगभग 10:50 बजे महाविद्यालय पहुंचे।

इसके बाद भी कई अन्य शिक्षक दर्शनशास्त्र के डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, वाणिज्य के डॉ. पवन कुमार मौर्य, वनस्पति विभाग के डॉ. राघवेन्द्र प्रताप नारायण, इतिहास के डॉ. केशरी नंदन मिश्रा, जंतु विज्ञान के डॉ. राजेश यादव, मनोविज्ञान की डॉ. इरा फात्मा, अर्थशास्त्र की डॉ. सविता, संस्कृत की डॉ. वंदना और गणित की डॉ. शिल्पी सिंह के साथ ही साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारी वंदना सिंह व नंदिनी 10:50 मिनट तक भी नहीं उपस्थित हुए।

नहीं मिले एक भी विद्यार्थी

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि निर्धारित समय दस बजे के बावजूद महाविद्यालय में एक भी छात्र-छात्रा नहीं थे। उपस्थिति पंजिका के संबंध में प्राचार्य ने बताया कि वह लिपिक के पास है, जो स्वयं भी अनुपस्थित थीं। इस पर निदेशक ने प्राचार्य को निर्देश दिए कि उपस्थिति पंजिका कार्यालय में ही रखी जाए और निरीक्षण के समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित सभी अनुपस्थित शिक्षकों व कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इसके साथ ही सभी संबंधितों को दो कार्यदिवस के भीतर प्राचार्य के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण ई-मेल के जरिए भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कालेज प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि प्रवेश संख्या बढ़ाने के लिए इंटर कालेजों में प्रचार-प्रसार किया जाए और वाचनालय, पुस्तकालय तथा स्मार्ट क्लास का संचालन सुनिश्चित किया जाए।

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