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योगी सरकार के 9 वर्षों ने पछाड़ा 70 साल का रिकॉर्ड, 17 हजार से अधिक नए कारखाने पंजीकृत

Published: Tue, 31 Mar 2026 02:51 PM (IST)

योगी सरकार के नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। 2017 से अब तक ...और पढ़ें

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HighLights

  1. योगी सरकार में 17,841 नए कारखाने पंजीकृत हुए।

  2. 16.5 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला।

  3. यूपी अब देश का उभरता औद्योगिक हब बना।

डिजिटल टीम, लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सुशासन और सुरक्षा' के मॉडल ने उत्तर प्रदेश को निवेश के वैश्विक मानचित्र पर अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर दिया है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने औद्योगिक प्रगति की वह रफ्तार पकड़ी है, जिसने पिछले सात दशकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2017 से अब तक प्रदेश में 17,841 नए कारखाने पंजीकृत किए गए हैं, जबकि आजादी के बाद से मार्च 2017 तक (70 वर्षों में) यह संख्या केवल 14,178 थी। वर्तमान में यूपी 32,019 पंजीकृत कारखानों के साथ देश का उभरता हुआ 'इंडस्ट्रियल हब' बन गया है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: निवेशकों का 'उत्तम प्रदेश' पर भरोसा

प्रमुख सचिव श्रम एवं रोजगार डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम के अनुसार, यह बदलाव मुख्यमंत्री के उस विजन का परिणाम है जिसमें उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • पारदर्शी व्यवस्था: सिंगल विंडो क्लीयरेंस और ऑनलाइन प्रक्रियाओं ने लालफीताशाही को खत्म किया।

  • मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर: एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और जेवर जैसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स ने उद्योगों को नई गति दी है।

  • सुरक्षित वातावरण: सख्त कानून-व्यवस्था ने निवेशकों के मन से डर निकालकर विश्वास पैदा किया है।

रोजगार का नया कीर्तिमान: 16.5 लाख से अधिक नौकरियां

नए कारखानों के पंजीकरण का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिला है। अप्रैल 2017 के बाद स्थापित इन इकाइयों में 16,53,179 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

  • नारी शक्ति की भागीदारी: इन नौकरियों में 1.23 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जो राज्य के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में आ रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

  • एमएसएमई से लेकर बड़े उद्योग: 14,412 कारखाने छोटे और मध्यम श्रेणी के हैं, जबकि 118 विशाल कारखाने ऐसे हैं जिनमें 1000 से अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं।

  • क्षेत्रीय असंतुलन का अंत: बुंदेलखंड में भी औद्योगिक दस्तक

    योगी सरकार ने उद्योगों को केवल चुनिंदा शहरों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे प्रदेश में इसका विस्तार किया है।

    1. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 10,895 कारखाने (सर्वाधिक निवेश)।

    2. मध्य उत्तर प्रदेश: 3,526 कारखाने।

    3. पूर्वी उत्तर प्रदेश: 3,205 कारखाने।

    4. बुंदेलखंड: 215 कारखाने (औद्योगिक विकास की नई शुरुआत)।

    तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था

    सितंबर 2023 के बाद से औद्योगिक गतिविधियों में अभूतपूर्व तेजी आई है, जिसमें अकेले पिछले कुछ महीनों में 10,194 कारखानों का पंजीकरण हुआ है। उत्तर प्रदेश अब केवल एक कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि एक सशक्त औद्योगिक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है।

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