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    यूपी में कृषि विकास दर 14 प्रतिशत के पार, 94 हजार करोड़ की सम्मान निधि और गन्ना मूल्य बढ़ोतरी से किसान खुशहाल

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 04:35 PM (GMT+05:30)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से उत्तर प्रदेश का कृषि परिदृश्य बदल गया है। राज्य की कृषि विकास दर 14% से अधिक हो गई है, जो राष्ट्रीय खाद्यान्न उत ...और पढ़ें

    योगी सरकार की नीतियों से किसान खुशहाल

    योगी सरकार की नीतियों से किसान खुशहाल

    HighLights

    1. उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 14% से अधिक हुई।

    2. किसानों को 94 हजार करोड़ से अधिक की सम्मान निधि मिली।

    3. गन्ने के दाम बढ़े, सहकारिता ऋण ब्याज दर घटी।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू' विजन ने उत्तर प्रदेश के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। 2017 से पहले जो प्रदेश खाद्यान्न संकट और कालाबाजारी से जूझ रहा था, वह आज पौने नौ वर्षों के सफल 'योगी मॉडल' के कारण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का मुख्य आधार बन चुका है।

    उत्तर प्रदेश के पास देश की कुल कृषि भूमि का मात्र 10 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन अपनी उन्नत नीतियों के दम पर यह राज्य देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का विशाल योगदान दे रहा है। कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में विकास दर, जो कभी सिंगल डिजिट में थी, पिछले तीन वर्षों से 14 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है।

    अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना किसान

    योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही किसानों को वोट बैंक के बजाय प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना। सरकार की प्राथमिकता फसल खरीद में पारदर्शिता लाने, समयबद्ध भुगतान करने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर रही है। 'लैब से लैंड' तक की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिकों ने 14,170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से सीधा संवाद साधा है। इसके अलावा, 16 लाख निजी ट्यूबवेल वाले किसानों के ऋण माफ कर उन्हें बड़ी राहत दी गई है।

    सम्मान और तकनीक का संगम

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश किसान सम्मान निधि के वितरण में अग्रणी रहा है। अब तक 21 किस्तों के माध्यम से प्रदेश के किसानों को 94,668.58 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा चुका है। तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में सीड पार्क और बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब जैसी संस्थागत पहल की गई हैं। वहीं, सहकारिता क्षेत्र में लोन की ब्याज दर को 11.5 प्रतिशत से घटाकर मात्र 6 प्रतिशत कर दिया गया है।

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    गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात

    ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूती देने के लिए योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के दाम में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। अब अगेती प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जिससे किसानों को 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। गौरतलब है कि 2017 से अब तक सरकार द्वारा 2.96 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है, जो किसानों के अटूट विश्वास का प्रमाण है।