यूपी में आयुष्मान योजना के 5.70 करोड़ पात्रों की खत्म होगी दिक्कतें, डेटा मिलान के लिए बना पोर्टल
उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए डेटा मिलान की समस्या दूर करने हेतु बीडीपी पोर्टल बनाया गया है। इससे आधार कार्ड और योजना के डेटा में अंतर होने पर ऑनलाइन आवेदन कर सुधार कराया जा सकेगा।

आयुष्मान योजना के 5.70 करोड़ पात्रों की खत्म होगी दिक्कतें।
HighLights
आयुष्मान कार्ड डेटा मिलान हेतु बीडीपी पोर्टल बना।
ऑनलाइन आवेदन से जानकारी में सुधार संभव।
यूपी में 5.70 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के पात्र लाभार्थियों के लिए अच्छी खबर है। डेटा का मिलान नहीं होने से जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहा, उनके लिए बीडीपी (बेनीफीसरी डेटाबेस मैनेजमेंट पोर्टल) बनाया गया है।
साचीज की सीइओ अर्चना वर्मा ने कहा है कि आधार कार्ड और योजना के स्रोत डेटा में जानकारी अलग होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं, उनके लिए ऑनलाइन आवेदन सुविधा शुरू की गयी है। इसके जरिये लाभार्थी के पिता के नाम, आयु, लिंग और पते में अंतर होने पर संशोधन की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
लाभार्थी को निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय जाना होगा। साथ में सही जानकारी प्रमाणित करने वाले दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र या अन्य संबंधित सरकारी दस्तावेज ले जाना जरूरी है।
दस्तावेज प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी बीडीपी (बेनीफीसरीडेटाबेस मैनेजमेंट पोर्टल) पर ऑनलाइन आवेदन दर्ज करेंगे। इसके बाद लाभार्थी के विवरण में आवश्यक संशोधन प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्मा ने कहा है कि आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहा हो तो परेशान न हों। सही दस्तावेजों के साथ सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) सीएमओ कार्यालय पहुंचकर रिकाार्ड में सुधार कराएं और आयुष्मान कार्ड बनवाकर योजना का लाभ लें।
आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 5.70 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ प्रदेश देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य है।
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