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    मि‍शन 2027: यूपी में भाजपा ने घोषित किए पांच जिलाध्यक्ष, जातीय समीकरण साधते हुए जमीनी छवि को रखा ध्‍यान

    Updated: Fri, 29 May 2026 06:02 PM (IST)

    भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पांच जिलों के नए अध्यक्षों की घोषणा की है, जिसमें जातीय समीकरणों और जमीनी कार्यकर्ताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सभी 98 संगठनात्मक जिलों में टीम पूरी, अब चुनावी तेवर में दिखेगा संगठन


    2. वाराणसी जिला में चला कुर्मी कार्ड, क्षेत्रीय अध्यक्ष के लिए सिमटी संभावनाएं



    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान सभा चुनाव को लेकर संगठन को नया आकार देने में जुटी भाजपा ने 28 मई को बचे हुए पांच जिलों वाराणसी जिला, गोरखपुर महानगर, देवरिया, अंबेडकर नगर एवं गाजीपुर का अध्यक्ष घोषित कर दिया। पार्टी ने अनुभव एवं जातीय समीकरणों के साथ ही जमीनी छवि को ध्यान में रखा है। सपा के पीडीए के व्यूह को भेदने के लिए पांच में से तीन अध्यक्ष ओबीसी समाज से बनाया है। उधर, वाराणसी जिला में राम सकल पटेल को जिलाध्यक्ष बनाने के बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल को दोबारा कमान मिलने की संभावनाएं कम होंगी। खासकर, जब प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कुर्मी समाज से हैं।

    2024 लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाने के बाद भाजपा ने सपा के पीडीए की काट का प्रयास करते हुए 16 मार्च 2025 को 70 जिलाध्यक्षों की घोषणा की। इसके बाद 26 नवंबर को 14 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की। इसके छह माह कई समीकरणों को मथते हुए प्रतीक्षारत पांच जिलों में अध्यक्ष बनाए गए।

    प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने वाराणसी जिला में दस साल अध्यक्ष रहे हंसराज विश्वकर्मा के योगी सरकार में मंत्री बनने के बाद उनकी जगह दस साल बाद नए अध्यक्ष के रूप में जमीनी कार्यकर्ता 50 साल के राम सकल पटेल को अध्यक्ष बनाकर ओबीसी फैक्टर बरकरार रखा गया है। पहली बार वाराणसी में जिले की कमान कुर्मी चेहरे को दी गई है। राम सकल जिला कार्यसमिति सदस्य और पहले सिर्फ किसान मोर्चा में रहे हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें वरीयता सबको चौंका दिया।

    गाजीपुर में क्षत्रिय चेहरा काशीनाथ सिंह को दोबारा अध्यक्ष बनाया गया। उन्हें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का नजदीकी कहा जाता है। अंबेडकर नगर में त्रयंबक त्रिपाठी की जगह जिला महामंत्री दिलीप देव पटेल को अध्यक्ष बनाया गया। इस क्षेत्र में कुर्मी फैक्टर पहले से प्रभावी रहा है। देवरिया में पूर्व विधायक एवं दलित चेहरा काली प्रसाद को अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने संदेश दिया कि पुराने लोगों को विशेष रूप से अहम भूमिका दी जा सकती है।

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    गोरखपुर महानगर में पार्टी ने वैश्य समीकरण मजबूत करते हुए अनुभवी चेहरा रमेश प्रसाद गुप्ता को कमान दी। वह
    जिला उपाध्यक्ष और जिला महामंत्री रहने के साथ ही पूर्व में लगातार तीन बार पार्षद रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि अब सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों के बदले जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। एक क्षेत्रीय अध्यक्ष महिला भी बनाई जा सकती है।

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