UP Cabinet Decision: मेजा में 2400 मेगावाट की नई तापीय परियोजना लगाने को मिली मंजूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने प्रयागराज के मेजा में 2400 मेगावाट की नई तापीय परियोजना को मंजूरी दी है, जिसे विद्युत उत्पादन निगम और एनटीपीसी मिलकर ₹38,358 क ...और पढ़ें
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HighLights
विद्युत उत्पादन निगम व एनटीपीसी मिलकर लगाएंगे 38,358 करोड़ रुपये की परियोजना
मीरजापुर में 2799.47 करोड़ से बनाया जाएगा 765 केवी का उपकेंद्र और पारेषण लाइनें
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बिजली की लगातार बढ़ती मांग के मद्देनजर प्रदेश में 2400 मेगावाट उत्पादन की नई तापीय परियोजना स्थापित की जाएगी। बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ ही 765 केवी का पारेषण (ट्रांसमिशन) उपकेंद्र व लाइनों का निर्माण भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रयागराज के मेजा तापीय परियोजना का विस्तार करते हुए 800-800 मेगावाट की तीन नई यूनिटें लगाए जाने संबंधी ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट द्वारा किए गए निर्णय के संबंध में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान किए गए अनुबंध के तहत एनटीपीसी और उप्र राज्य विद्युत उत्पादन निगम मिलकर तीनों यूनिटें स्थापित करेंगे। लगभग 38,358 करोड़ रुपये से स्थापित की जाने वाली यूनिटों से राज्य को पांच वर्ष में बिजली मिलने लगेगी।
मेजा में पहले से ही उत्पादन निगम व एनटीपीसी लिमिटेड का संयुक्त रूप से 1320 मेगावाट क्षमता का सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट स्थापित है। अब वहीं पर 2400 मेगावाट तापीय बिजली उत्पादन की तीन यूनिटें स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद धरातल पर काम शुरू होगा।
शर्मा ने बताया कि मीरजापुर में प्रस्तावित अदाणी मीरजापुर तापीय परियोजना, जेएसडब्ल्यू पंप्ड स्टोरेज परियोजना, अदाणी सौर ऊर्जा परियोजना सहित अन्य बिजली परियोजनाओं आदि से उत्पादित बिजली की निकासी के लिए कैबिनेट ने मीरजापुर में 765/400 केवी क्षमता के पूलिंग उपकेंद्र और पारेषण लाइनों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
कुल 2799.47 करोड़ रुपये की परियोजना में से 1315.91 करोड़ रुपये उपकेंद्र एवं ‘बे’ के निर्माण पर जबकि 1483.56 करोड़ रुपये पारेषण लाइनों के निर्माण पर खर्च होंगे। मंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान प्रदेश में लगभग चार हजार मेगावाट तापीय बिजली का उत्पादन बढ़ा है। शर्मा ने दावा किया कि इन परियोजनाओं से प्रदेशवासियों को सस्ती व निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।