यूपी के आठ जिलों को मिला योगी सरकार का तोहफा, प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण गठित
राज्य सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य दोनों मंडलों के आठ जिलों में समेकित नियोजित विकास ...और पढ़ें

नियोजित विकास के लिए बना प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण
HighLights
प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
दोनों मंडलों के सभी आठ जिले प्राधिकरण में शामिल किए गए।
नियोजित विकास, अवस्थापना और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समेकित नियोजित विकास के लिए राज्य सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट विकास प्राधिकरण का गठन किया है। प्राधिकरण में दोनों मंडलों के सभी आठ जिलों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के संबधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम के तहत प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र घोषित करने के साथ ही क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। इसमें प्रयागराज व चित्रकूट के अलावा फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, बांदा, हमीरपुर, महोबा जिले शामिल किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, विभागीय प्रस्ताव में प्रतापगढ़ और महोबा जिले को नहीं शामिल किया गया था, लेकिन कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने दोनों मंडलों के सभी जिलों को शामिल करने का निर्णय किया। ऐसे में प्राधिकरण में मंडल के अन्य जिलों के साथ ही प्रतागगढ़ और महोबा भी अब शामिल होंगे।
कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद अब अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन प्रभावी होगा।
प्राधिकरण के गठन से भले ही राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा लेकिन इससे मंडल के सभी जिलों में नियोजित विकास संभव होगा। बेहतर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
गौतलब है कि एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) प्लानिंग बोर्ड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एससीआरडीए) का गठन पहले ही योगी आदित्यनाथ सरकार कर चुकी है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय स्तर पर सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों के गठन के निर्देश दिए थे।
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पांच साल बढ़ा एससीएल के साथ समुदाय परियोजना का एमओयू
उत्तर प्रदेश सरकार और एचसीएल फाउंडेशन के बीच 'समुदाय' परियोजना के संचालन के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) की अवधि पांच साल आगे बढ़ा दी गई है। मंगलवार को कैबिनेट ने अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी
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एचसीएल द्वारा संचालित हरदोई के 11 ब्लाक में 'समुदाय' परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसमें 25 लाख लाभार्थियों को जोड़ा गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण, अवस्थापना, कृषि, आजीविका, स्वच्छता व पेयजल, ग्रीन एनर्जी (सौर ऊर्जा), ग्राम्य पंचायत सशक्तिकरण आदि क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाया जा रहा है। परियोजना के लिए सरकार ने वर्ष 2015 में एचसीएल के साथ एमओयू किया था, जिसे वर्ष 2020 में पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।