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    10 साल से अटकी चकबंदी पर आयुक्त सख्त, 136 गांवों की रिपोर्ट तलब; DM-अधिकारियों को नोटिस जारी

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 10:22 PM (GMT+05:30)

    चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित चकबंदी मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश के 136 गांवों की विस्तृत रि ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    HighLights

    1. चकबंदी आयुक्त ने लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया।

    2. प्रदेश के 136 गांवों में 10 वर्ष से अधिक मामले लंबित।

    3. डीएम और बंदोबस्त अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित चकबंदी मामलों पर चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को निर्देश दिया है कि ऐसे ग्रामों की समीक्षा कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत आख्या निदेशालय को उपलब्ध कराई जाए।

    समीक्षा में सामने आया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के 136 ग्रामों में 10 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम के तहत धारा-10 का प्रकाशन नहीं हो सका है।

    एक हफ्ते में मंगाया विवरण

    इस पर संबंधित डीएम और बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को नोटिस जारी कर विलंब के कारण तथा अब तक की गई कार्रवाई का विवरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

    चकबंदी आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित गांवों में खुली बैठक आयोजित कर चकबंदी कार्य में देरी के कारणों और स्थानीय परिस्थितियों का परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया के लंबे समय तक लंबित रहने से किसानों और काश्तकारों को परेशानी होती है।

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    उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी जिलों से प्राप्त आख्या और स्थानीय परिस्थितियों का गहन परीक्षण कर लंबित मामलों के निस्तारण के संबंध में काश्तकारों के हित में उचित निर्णय लिया जाएगा।