यूपी में शुद्ध हवा के लिए 15 क्षेत्रीय ज्ञान केंद्रों के बीच एमओयू, पांच साल में हजारों युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण कम करने और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए यूपी कैंप और 15 ज्ञान केंद्रों के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत अगले पा ...और पढ़ें
-1780518486049_m.webp)
शुद्ध हवा के लिए 15 क्षेत्रीय ज्ञान केंद्रों के बीच हुआ एमओयू। AI जेनेरेटेड फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश को वायु प्रदूषण से मुक्त रखने और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अथॉरिटी (यूपी कैंप) और 15 क्षेत्रीय ज्ञान केंद्रों के बीच बुधवार को पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय में एमओयू हुआ।
इसका उद्देश्य राज्य में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और हरित कौशल बल के विकास को सुदृढ़ करना है। एमओयू के तहत अगले पांच वर्ष में हजारों युवाओं को हरित कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। अधिकारियों और स्थानीय निकायों के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न क्षेत्रीय ज्ञान केंद्र (विभिन्न विश्वविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट) अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने हस्ताक्षर किए।
इसके साथ ही, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नालाजी, दिल्ली इंस्टिट्यूट आफ एनवायरनमेंट एण्ड सस्टैनबल डेवलपमेंट, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, इंडियन इंस्टिट्यूट आफ टेक्नालाजी रुड़की, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज अकबरपुर, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बिजनौर, मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलाजी प्रयागराज के साथ यूपी कैंप की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी चंद्रकला ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
खबरें और भी
इन केंद्रों की भागीदारी से पूरे प्रदेश में हरित अर्थव्यवस्था के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद राहिब ने परियोजना के बारे मे सभी संस्थानों को जानकारी दी।
इसका लक्ष्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से संबंधित विषयों पर सरकारी अधिकारियों, स्थानीय निकायों एवं समुदायों की क्षमता का विकास है। युवाओं को हरित रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करते हुए सक्षम एवं प्रशिक्षित हरित कौशल बल (ग्रीन स्किल फोर्स) का निर्माण किया जाएगा।