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    UP Cabinet Meeting: यूपी के सरकारी वकीलों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, फीस में की 50 प्रतिशत तक बढ़ाेतरी

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 09:36 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यायालयों में पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और रिटेनरशिप में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस निर्णय से ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं का 10 वर्ष व महाधिवक्ता का 14 वर्ष बाद बढ़ा रिटेनरशिप


    2. सरकार पर प्रतिवर्ष आएगा करीब 190 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ


     

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और रिटेनरशिप में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में न्याय विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं का 10 वर्ष व महाधिवक्ता का करीब 14 वर्ष बाद रिटेनरशिप व फीस सरकार ने बढ़ाई है। इस निर्णय से सरकार पर करीब 190 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का अतिरिक्त बोझ आएगा।

    कैबिनेट निर्णयों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सरकारी मुकदमों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है। जिला न्यायालयों में तैनात जिला शासकीय अधिवक्ताओं की मासिक रिटेनरशिप नौ हजार से बढ़कर 14 हजार रुपये कर दी गई है। प्रति सुनवाई फीस भी 1650 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ताओं (एडीजीसी) की रिटेनरशिप 7,200 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये तथा प्रति सुनवाई फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,300 रुपये करने का निर्णय लिया गया है।

    महाधिवक्ता की 75 हजार रुपये मासिक रिटेनरशिप को बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये कर दिया गया है। उनकी बहस की फीस भी 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं, हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने वाले अपर महाधिवक्ता की रिटेनरशिप 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार व बहस की फीस 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दिया गया है।

    मुख्य स्थायी अधिवक्ता या फिर शासकीय अधिवक्ता को 22 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 35 हजार रुपये मिलेंगे। बहस के लिए प्रतिदिन सात हजार रुपये के बजाय 12 हजार रुपये मिलेंगे। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता को 12 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 20 हजार रुपये मिलेंगे। इन्हें भी बहस के लिए पांच हजार रुपये के बजाय आठ हजार रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। स्थायी अधिवक्ता को नौ हजार के स्थान पर 15 हजार रुपये मिलेंगे। प्रति सुनवाई इन्हें अब तीन हजार रुपये के बजाय पांच हजार रुपये दिए जाएंगे।

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    सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले एडवोकेट आन रिकार्ड को अब 18 हजार के बजाय 30 हजार रुपये मिलेंगे। इन्हें बहस में प्रतिदिन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये मिलेंगे। इसी प्रकार विशेष पैनल अधिवक्ता को प्रतिदिन सुनवाई के लिए 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये मिलेंगे। वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता को आठ हजार रुपये के बजाय अब 12 हजार रुपये प्रतिदिन सुनवाई के लिए मिलेंगे। कनिष्ठ पैनल अधिवक्ता को भी अब पांच हजार रुपये के बजाय 7500 रुपये प्रतिदिन बहस के लिए मिलेंगे। इन्हें रिटेनर फीस नहीं दी जाती है।

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