Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी के 27 जिलों में चलेगा फाइलेरिया रोधी अभियान, रात 10 बजे से 2 बजे तक होगा नाइट ब्लड सर्वे

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 09:31 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 13 जून से 27 जिलों के 585 गांवों में रात 10 बजे से 2 बजे तक नाइट ब्लड सर्वे होगा। ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड तस्वीर

    एआई जेनेरेटेड तस्वीर

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने का अभियान चल रहा है। अब 13 जून से 27 जिलों के 585 गांव में दस बजे रात से दो बजे तक रक्त नमूने (नाइट ब्लड सर्वे) लिये जायेंगे। कुछ नमूनों की विशेष किट से मौके पर जांच होगी, कुछ नमूने जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे।

    इस आंकड़ों से तय होगा कि अगले साल फरवरी में किन क्षेत्रों में फाइलेरिया रोधी सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) खिलायी जानी है। रक्त नमूने लेने व जांच में अति विशेषज्ञ शामिल किया जा रहा है।

    राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के.चौधरी ने बुधवार को मलेरिया अधिकारियों, तकनीक विशेषज्ञों के साथ वर्चुअल संवाद में अभियान की तैयारी को अंतिम रूप दिया। उन्होंने बताया कि साल में दो बार यानी 10 फरवरी और 10 अगस्त को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाया जाती है।

    इस बार अध्ययन यह किया जाना है कि 10 अगस्त को खिलायी गयी खुराक से क्या फर्क पड़ा है। जिस ब्लॉक, प्लानिंग यूनिट्स के गांव में एक प्रतिशत से कम संक्रमण पाया जायेगा होगा, उस गांव को प्री ट्रांसमिशन एसेसमेंट सर्वे की श्रेणी में रखा जायेगा।

    अगर किसी गांव में एक प्रतिशत से अधिक संक्रमण पाया जाएगा तो वहां पूरे ब्लॉक में फाइलेरिया रोधी दवा खिलायी जाएगी।
    डॉ.चौधरी ने बताया कि नमूनों के लिये प्रत्येक ब्लॉक से तीन गांवों का चयन होगा। एक सेंटिनल (स्थायी) गांव होगा, जहां मरीज पाये जाते रहे हैं और दो गांव औचक (रेंडम) चुने जाएंगे।

    खबरें और भी

    यहां के 20 साल की उम्र पार कर चुके 300 लोगों के रक्त नमूने लिये जाएंगे। जिसकी विशेष किट से आकस्मिक जांच होगी। और कुछ नमूने जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। पॉजिटिव नागरिकों को फाइलेरिया रोधी आइवरमेक्टिन व डीईसी दवा खिलाई जायेगी। मेहमानों से नमूने नहीं लिये जायेंगे।

    चौधरी का कहना है कि जिस भी गांव में रक्त नमूने लेने हैं, वहां के प्रधान (अब प्रशासक), खण्ड विकास अधिकारी के साथ चौपाल में चर्चा होगी। इनके सहयोग से नागरिकों का रक्त नमूना एकत्रित होगा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) व पंचायतीराज विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।

    रात में सैंपल क्यों?

    विशेषज्ञों का कहना है कि फाइलेरिया के परजीवी दिन में संक्रमित व्यक्ति के फेफड़ों, लीवर के खास हिस्सों में सोते रहते हैं। रात में यह रक्त में मिल जाते हैं। इसलिये रात में नमूने लिये जाते हैं।

    अब तक आठ बजे शाम से नमूने लिये जाते थे लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की नयी गाइड लाइन कहती है कि फाइलेरिया के परजीवी रात दस बजे के बाद ज्यादा सक्रिय होते हैं। मच्छरों के जरिये एक से दूसरे मनुष्य में फैलता है। जिसके चलते समय परिर्वतन किया गया है। इसीलिये इसे नाइट ब्लड सर्वे कहा जाता है।

    इन जिलों में नाइट ब्लड सर्वे होगा

    औरैया, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, चंदौली, देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, महराजगंज, मीरजापुर, रायबरेली, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुलतानपुर शामिल है।

    यह भी पढ़ें- यूपी के 18 शहरों में दौड़ेंगी 1725 एयर कंडीशन ई-बसें, प्रति बस 35-40 लाख रुपये अनुदान देगी योगी सरकार