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कैब 10 मिनट लेट तो ड्राइवर पर ₹100 जुर्माना: यूपी में ओला-उबर के नए नियम; महिला सवारी बैठाने से पहले अनुमति जरूरी

Updated: Sat, 22 Aug 2026 03:41 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में ओला, उबर जैसे कमर्शियल यात्री वाहनों का परिवहन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के तहत 12 साल तक के पुराने वाहन पंजीकृत हो सकेंगे और चालकों के लिए प्रशिक्षण व सुरक्षा उपाय भी लागू होंगे।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. कमर्शियल वाहनों का परिवहन विभाग पोर्टल पर पंजीकरण अब अनिवार्य।

  2. पुराने वाहन 12 वर्ष तक पंजीकृत हो सकेंगे, पहले 8 वर्ष।

  3. पैनिक बटन, व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस लगाना वाहनों में अनिवार्य।

विवेक शुक्ला, लखनऊ। प्रदेश में कमर्शियल यात्री वाहनों जैसे ओला, उबर, रेड बस और इन ड्राइव के माध्यम से चलने वाले वाहनों का पंजीकरण अब परिवहन विभाग के पोर्टल पर अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, 12 वर्ष तक के पुराने वाहनों का पंजीकरण किया जा सकेगा।

इन वाहनों में पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगे होंगे, जिससे उनकी नियमित निगरानी संभव होगी। पहले वाहन की आयु आठ वर्ष निर्धारित की गई थी, लेकिन वाहन स्वामियों के विरोध के बाद इसे 12 वर्ष किया गया है। यह व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी।

लखनऊ में 10,000 से अधिक ओला, उबर, रेड बस और इन ड्राइव जैसे एप के माध्यम से चलने वाले वाहन हैं। उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 के तहत परिवहन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण शुरू हो गया है।

इस रजिस्ट्रेशन के बाद डिजिटल प्लेटफार्म से चलने वाले यात्री वाहनों का वास्तविक लेखा-जोखा उपलब्ध होगा, जिसकी निगरानी परिवहन विभाग करेगा। सभी वाहन समूहों को निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से आवागमन में राहत मिलेगी।

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जानें नए नियम

  • वाहन बुक कराने पर 10 मिनट में रिपोर्टिंग नहीं की जाती है, तो राइडर संबंधित राइड को रद कर सकता है। इस स्थिति में ड्राइवर पर 100 रुपये का जुर्माना लगेगा और राइडर को अगली बुकिंग में इसी राशि की राहत दी जाएगी। यदि राइडर बुकिंग रद करता है, तो किराए का 10 प्रतिशत, अधिकतम 100 रुपये, अगली बुकिंग के किराए के साथ वसूला जाएगा। एप और पोर्टल पर इस कार्रवाई को अपलोड करना अनिवार्य होगा। यात्रियों से न्यूनतम तीन किलोमीटर का किराया लिया जाएगा।
  • यदि वाहन में पुरुष यात्री है, तो महिला यात्री को बैठाने से पहले उसकी सहमति लेनी होगी।
  • महिला यात्रियों के लिए संभव हो सके तो महिला ड्राइवर ही होनी चाहिए। एप पर यात्रा कराने वाले चालक का ब्योरा कम से कम सात दिन तक अपलोड रहेगा। एप का राज्य परिवहन पोर्टल से एकीकरण भी किया जाएगा। हर वाहन की रेटिंग होगी, जो यात्रियों के हाथ में रहेगी।
  • कैब ड्राइवर के पास कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए और पिछले तीन वर्षों में किसी अपराध में दोषसिद्ध नहीं होना चाहिए।
  • हर कैब ड्राइवर को 40 घंटे का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा, जिसमें एप का उपयोग, आपात सहायता, सुरक्षित ड्राइविंग, व्यवहार और मार्ग की जानकारी शामिल होगी। यात्री लाइव लोकेशन साझा कर सकेगा, और यदि ड्राइवर तय मार्ग से हटता है, तो कंट्रोल रूम को अलर्ट किया जाएगा।
  • एनसीआर में 3,15,218 वाहन आनबोर्डएग्रीगेटर पालिसी में पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वीकल ट्रांजिशन पर भी जोर दिया गया है।
  • एनसीआर क्षेत्र में वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रिक वीकल चलाए जाएंगे। परिवहन विभाग ने upmyfleet.com पोर्टल पर एग्रीगेटर का पंजीकरण शुरू कराया है। इस पोर्टल पर वर्तमान में एनसीआर क्षेत्र के दो एग्रीगेटर और उनके 3,15,218 वाहन आनबोर्ड हैं।

10 मिनट में रिपोर्टिंग न होने पर बुकिंग रद
निर्देश है कि वाहन बुक कराने पर यदि 10 मिनट में रिपोर्टिंग नहीं की जाती तो राइडर संबंधित राइड को रद कर सकता है। ड्राइवर पर 100 रुपये का जुर्माना भी लगेगा और राइडर को अगली बुकिंग में जुर्माने के बराबर राहत दी जाएगी।

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