यूपी में मोटर व्हीकल नियमावली 2026 लागू, अब 12 साल पुराने ओला-उबर जैसे कमर्शियल वाहनों के लिए बदल गए नियम
नई उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 2026 लागू हो गई है, जिसके तहत अब 12 साल पुराने ओला-उबर जैसे वाणिज्यिक वाहनों का भी पंजीकरण अनिवार्य होगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
12 साल पुराने वाहनों का भी पंजीकरण होगा अनिवार्य।
वाहनों में पैनिक बटन और वीएलटीडी लगाना जरूरी।
ड्राइवरों के लिए 40 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 के तहत अब 12 साल पुराने वाहनों का भी पंजीकरण हो सकेगा, पहले वाहन की आयु आठ वर्ष रखा गया था इसका वाहन स्वामियों ने यह कहकर विरोध किया था कि सात वर्ष तक वे बैंक का ऋण चुकाते रहते हैं। वाहनों में पैनिक बटन लगे हाेंगे और उन्हें वीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से जोड़ा जाएगा। इसकी नियमित निगरानी भी होगी।
लखनऊ में 10 हजार से अधिक ओला-उबर, रेड बस, इन ड्राइव जैसे एप के माध्यम से फर्राटा भरने वाले वाहन हैं। परिवहन विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण शुरू हो गया है। रजिस्ट्रेशन के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म से चलने वाले वाहनों का वास्तविक लेखा-जोखा मिल सकेगा।
परिवहन विभाग एप के माध्यम से चलने वाले वाहनों की निगरानी करेगा। सभी वाहन समूहों को तय पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसमें यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए नियम बनाए गए हैं।
वाहनों काे लाइसेंस नई पॉलिसी की गाइडलाइन के अनुसार दिया जाएगा। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने बताया, यह व्यवस्था लागू होने पर आवागमन में राहत मिलेगी।
10 मिनट में रिपोर्टिंग न होने पर बुकिंग रद
निर्देश है कि वाहन बुक कराने पर यदि 10 मिनट में रिपोर्टिंग नहीं की जाती तो राइडर संबंधित राइड को रद कर सकता है। ड्राइवर पर 100 रुपये का जुर्माना भी लगेगा और राइडर को अगली बुकिंग में जुर्माने के बराबर राहत दी जाएगी।
वहीं, यदि राइडर बुकिंग रद करता है तो किराए का 10 प्रतिशत अधिकतम 100 रुपये ही अगले बुकिंग के किराए के साथ वसूली जाएगी। एप व पोर्टल पर भी इस कार्यवाही को अपलाेड करना होगा। यात्रियों से न्यूनतम तीन किलोमीटर का किराया लिया जाएगा।
महिला यात्री वाले वाहन में हो महिला ड्राइवर
कार पूलिंग की दशा में यदि वाहन में पुरुष यात्री है तो महिला यात्री को बैठाने से पहले उसकी सहमति लेनी होगी। इतना ही नहीं यदि महिला यात्री वाहन में सवार होती हैं तो जहां तक संभव हो उसमें महिला ड्राइवर ही हो।
एप पर यात्रा कराने वाले चालक का ब्योरा कम से कम सात दिन तक अपलोड रहेगा। एप का राज्य परिवहन पोर्टल से एकीकरण भी किया जाएगा।
हर वाहन की रेटिंग होगी, यह रेटिंग यात्रियों के हाथ में रहेगी। उसी के आधार पर ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। जिन ड्राइवरों की रेटिंग पांच प्रतिशत से कम होगी उन्हें तिमाही प्रशिक्षण लेना होगा।
ड्राइवर पिछले तीन साल में न हो दोषसिद्ध
कैब ड्राइवर के पास कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए। ड्राइवर पिछले तीन वर्ष में किसी अपराध में दोषसिद्ध नहीं होना चाहिए। हर कैब ड्राइवर को 40 घंटे का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। इसमें एप का उपयोग, दुर्घटना की स्थिति में आपात सहायता, सुरक्षित ड्राइविंग, व्यवहार व मार्ग की जानकारी मिलेगी। यात्री अपनी लाइव लोकेशन साझा कर सकेगा। यदि ड्राइवर तय मार्ग से हटता है तो कंट्रोल रूम को अलर्ट जाएगा।
