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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP Crime: बहुचर्चित बस्ती सड़क घोटाले में नपेंगे और अधिकारी, अब तक इन पर गिर चुकी है गाज

    By Edited By: Shubham Sharma
    Updated: Tue, 17 Oct 2023 05:10 AM (IST)

    बस्ती सड़क घोटाले में विभाग ने अधिकारियों की मिलीभगत की भी जांच शुरू करवाई गई थी जो पूरी हो चुकी है। विभाग को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब विभाग की ...और पढ़ें

    बहुचर्चित बस्ती सड़क घोटाले में नपेंगे और अधिकारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    बहुचर्चित बस्ती सड़क घोटाले में नपेंगे और अधिकारी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. तीन अधिकारियों को पहले ही किया जा चुका है बर्खास्त
    2. जांच रिपोर्ट तैयार, कार्रवाई की तैयारी में जुटा विभाग

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बस्ती सड़क घोटाले में लोक निर्माण विभाग के और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग ने घोटाले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कुछ अधिकारियों को पदावनत करने व वेतन में कटौती करने की कवायद शुरू कर दी है। घोटाले को लेकर दो सहायक अभियंता और एक अधिशासी अभियंता को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है।

    बिना सड़क निर्माण के घोटाला

    लोक निर्माण विभाग द्वारा 2017-18 और 2018-19 में बस्ती में 300 सड़कों का निर्माण करवाया गया था। इस संबंध में शासन द्वारा धनराशि भी जारी कर दी गई थी। अधिकारियों ने 71 सड़कों का निर्माण करवाए बिना ही 43.95 करोड़ रुपये का घोटाला कर डाला था। इसका राजफाश विधायकों व जन प्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायत के बाद हुआ था।

    करीब एक दर्जन से ज्यादा शिकायतों की जांच के बाद यह सामने आया था कि अधिकारियों ने 71 सड़कों का निर्माण करवाए बिना ही धनराशि जारी कर दी थी। विभाग ने दो सहायक अभियंता व एक अधिशासी अभियंता को बर्खास्त कर दिया था । साथ ही 17 अवर अभियंताओं को घोटाले का आरोपी बनाकर उन्हें आरोप पत्र थमा दिया था। घोटाले में 40 ठेकेदारों की भी मिलीभगत सामने आई थी।

    मिलीभगत की भी जांच शुरू

    विभाग ने इस मामले में अन्य अधिकारियों की मिलीभगत की भी जांच शुरू करवाई थी, जो पूरी हो चुकी है। विभाग को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब विभाग की तरफ से घोटाले में शामिल कुछ आरोपितों को उनके मूल वेतन पर पदावनत करने की तैयारी की जा रही है।

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    इसके साथ ही कुछ की वेतन वृद्धि को रोकने की सिफारिश की जा सकती है। इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एके जैन ने बताया कि रिपोर्ट मुख्यालय को प्राप्त हो चुकी है। संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उसका परीक्षण करवाया जा रहा है।

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