Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अपराध और अपराधी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से अपेक्षित से बेहतर परिणाम मिले: राजीव कृष्णा

    By Manoj Kumar Tripathi Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Wed, 31 Dec 2025 09:10 PM (IST)

    DGP UP Press Meet: पुलिस ने इस वर्ष 48 अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है, जबकि 3153 अपराधी घायल हुए हैं। प्रदेश में वर्ष 2025 में अपराधियों व पुल ...और पढ़ें

    पुलिस मुख्यालय में बुधवार को डीजीपी राजीव कृष्णा

    पुलिस मुख्यालय में बुधवार को डीजीपी राजीव कृष्णा

    HighLights

    1. जघन्य अपराधों में लिप्त 79 अपराधियों को दो वर्ष में दिलाया गया मृत्युदंड

    2. इस वर्ष पुलिस मुठभेड़ में मारे गए 48 अपराधी

    3. दो वर्ष में 1.25 लाख से अधिक अपराधियों को पुलिस ने दिलाई सजा

    4. पुलिस की सक्रियता से राज्य में होने वाले दंगों में आई 50 प्रतिशत की कमी

    5. राज्य में हुई 2739 मुठभेड में 3153 अपराधी व 138 पुलिसकर्मी हुए घायल

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊः डीजीपी राजीव कृष्णा प्रदेश में अपराध और अपराधी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से मिले परिणाम से काफी उत्साहित हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस ने इस वर्ष 48 अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया है, जबकि 3153 अपराधी घायल हुए हैं।

    प्रदेश में वर्ष 2025 में अपराधियों व पुलिस के बीच 2739 मुठभेड़ हुई। इनमें 138 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि एक पुलिसकर्मी की मृत्यु हुई। वहीं आपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस ने दो वर्षों में जघन्य अपराधों में लिप्त 79 अपराधियों को मृत्युदंड की सजा दिलाई है।

    पुलिस मुख्यालय में बुधवार को डीजीपी राजीव कृष्णा ने पत्रकारों को बताया कि अपराध के प्रति जीरो टालरेंस नीति और आपरेशन कन्विक्शन के तहत अदालत में कड़ी पैरवी करके पुलिस ने दो वर्षों में 1,25,985 अपराधियों को सजा दिलाई है। वहीं पुलिस की पैरवी के चलते 10,414 अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध, भ्रष्टाचार, आतंकवादियों, माफिया, साइबर अपराधियों, ड्रग सिंडिकेट और भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है।

    उन्होंने कहा कि नए वर्ष में पुलिस का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम पर रहेगा। सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत साढ़े आठ वर्षों में 266 अपराधियों को मार गिराया गया, जबकि 10,990 अपराधी घायल हुए हैं।

    खबरें और भी

    डीजीपी ने बताया कि 68 माफिया और उनके गिरोहों पर कार्रवाई करते हुए 4137 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या ध्वस्त की गई है। भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस ने 687 ट्रैप लगाकर 41 सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा है। वहीं मिशन शक्ति केंद्रों की स्थापना के बाद दुष्कर्म, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा, महिलाओं व बच्चों के अपहरण जैसे अपराधों में तीन महीनों के भीतर 34 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।

    एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि कफ सीरप के अवैध कारोबार पर भी पुलिस का डंडा चला है। कई आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने हिजबुल मुजाहिदीन, अल कायदा इंडिया सब कान्टिनेंट, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी आतंकियों के साथ-साथ आइएसआइ एजेंटों और नक्सलियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।

    उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस ने 20 जिलों के 233 थाना क्षेत्रों में स्थित 3233 दुर्घटना बाहुल्य स्थलों को चिह्नित किया है। इन स्थलों पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की गई है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आइ है। उन्होंने बताया कि पुलिस के जवानों ने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में 113 स्वर्ण, 75 रजत व 117 कांस्य पदक प्राप्त किए।

    इन अपराधों में आइ कमी

    डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2025 में डकैती की घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत, लूट में 84 प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण में 69 प्रतिशत और दंगों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर 20वें स्थान पर है।

    साइबर अपराध व आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई

    डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस ने साइबर अपराध के मामलों में 325 करोड़ रुपये से अधिक की राशि फ्रीज कराई है। 77,621 मोबाइल नंबर तथा 17,692 आइएमइआइ नंबर ब्लाक किए गए। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 12,800 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए।