यूपी बनेगा नशामुक्त: मुख्यमंत्री योगी के विजन से शुरू हुई बड़ी सामाजिक क्रांति, लाखों लोगों तक पहुंचा संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए एक व्यापक जन-आंदोलन चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत युवाओं, छात्रों ...और पढ़ें
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मुख्यमंत्री योगी के विजन से यूपी में नशामुक्ति की बड़ी सामाजिक क्रांति
HighLights
योगी सरकार ने नशामुक्ति के लिए जन-आंदोलन चलाया।
स्कूल-कॉलेजों में 1352 प्रतियोगिताएं, 5404 छात्र सम्मानित।
राज्यभर में 1700 से अधिक संगोष्ठियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने और भावी पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक व्यापक जन-आंदोलन खड़ा किया गया है। योगी सरकार ने नशे के दुष्प्रभावों को रोकने के लिए 'जागरूकता' को सबसे बड़ा और प्रभावी हथियार बनाया है। इसी क्रम में मद्यनिषेध विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश भर के युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों को जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर नशा विरोधी कार्यक्रम चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं।
युवाओं को सही दिशा देने के लिए 1352 प्रतियोगिताएं
योगी सरकार की प्राथमिकता केवल नशे की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाना है। इसके लिए प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, भाषण, पोस्टर मेकिंग और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभाग द्वारा आयोजित कुल 1,352 प्रतियोगिताओं में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 5,404 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया, ताकि वे समाज में नशामुक्ति के ब्रांड एंबेसडर बन सकें।
राज्य से जनपद स्तर तक 1700 से अधिक संगोष्ठियां
मद्यनिषेध विभाग ने इस अभियान को हर नागरिक तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक व्यापक जनसंपर्क किया। वर्ष भर में 40 राज्य स्तरीय और 1,727 जनपद स्तरीय संगोष्ठियों (Seminars) का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्माचार्यों ने हिस्सा लेकर नशामुक्त समाज का संकल्प लिया। इसके अलावा, प्रमुख मेलों और त्योहारों पर 356 प्रदर्शनियां लगाकर लोगों को नशे के सामाजिक नुकसान के प्रति सचेत किया गया।
नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मिली नई ताकत
आम जनमानस तक सरल, सुबोध और प्रभावी तरीके से बात पहुँचाने के लिए लोक कलाओं का सहारा लिया गया। इसके तहत प्रदेश में 829 सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो और जादुई शो आयोजित किए गए। इन पारंपरिक और मनोरंजक माध्यमों ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि उन्हें नशे की लत से दूर रहने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए गहराई से प्रेरित किया। तकनीक और लोक कला के इस बेहतरीन समन्वय से योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में विकास के साथ-साथ सामाजिक सुधारों की गति भी उतनी ही तीव्र रहने वाली है।