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यूपी नियामक आयोग के कड़े रुख से झुकीं बिजली कंपनियां, उपभोक्ताओं को लौटाए 32.75 करोड़ रुपये

Updated: Thu, 20 Aug 2026 11:08 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के कड़े रुख के बाद बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर के एवज में उपभोक्ताओं से अधिक वसूले गए 32.75 करोड़ रुपये वापस कर दिए हैं।

नियामक आयोग के कड़े रुख पर बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं को लौटाए 32.75 करोड़ रुपये।

नियामक आयोग के कड़े रुख पर बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं को लौटाए 32.75 करोड़ रुपये।

HighLights

  1. बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं को 32.75 करोड़ रुपये वापस किए।

  2. यह राशि स्मार्ट मीटर के नाम पर अधिक वसूली गई थी।

  3. उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के कड़े रुख का परिणाम।

राज्य ब्यरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के कड़े रुख के बाद बिजली कंपनियों ने स्मार्ट मीटर के एवज में ज्यादा वसूले गए 32.75 करोड़ रुपये अंततः उपभोक्ताओं को वापस कर दिए।

इस संबंध में तलब किए जाने पर गुरुवार को पावर कारपोरेशन सहित पांचों विद्युत वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशक शपथ पत्र के साथ व्यक्तिगत रूप से नियामक आयोग में पेश हुए।

शपथ पत्र के साथ बताया कि उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई पूरी धनराशि वापस कर दी गई है। इसके साथ ही आदेशों का अनुपालन करने में विलंब और पिछले दिनों सुनवाई के दौरान निदेशकों के अनुपस्थित रहने पर आयोग से क्षमा याचना भी की।

बिजली कंपनियों ने आयोग को बताया कि कुल 92,231 नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए थे। इन उपभोक्ताओं से लिए गए अतिरिक्त 32.75 करोड़ रुपये वापस कर दिए गए हैं। प्रबंध निदेशकों ने स्वीकार किया कि सभी नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगे हैं।

आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सदस्य संजय कुमार सिंह और सदस्य लीगल गिरीश कुमार वैश्व की पीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है। आयोग ने कहा कि अब जुर्माने की राशि बढ़ गई है, आदेशों का बार-बार उल्लंघन अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

उल्लेखनीय है कि आयोग द्वारा उपभोक्ता परिषद की शिकायत के बाद छह मार्च को पारित आदेश में स्पष्ट तौर पर सभी बिजली कंपनियों को आदेश दिए गए थे कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए तय लागत सिंगल फेस 2800 रुपये और थ्री फेस 4100 से अधिक वसूली गई धनराशि उपभोक्ताओं को अप्रैल के प्रथम बिलिंग साइकिल में ही वापस की जाए।

इसके साथ ही 31 जुलाई तक सभी से अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई थी। उन सभी उपभोक्ताओं की अतिरिक्त धनराशि की वापसी किए जाने का आदेश था जिनसे सिंगल फेस पर 6016 रुपये तथा थ्री फेस पर 11,341 रुपये की दर से वसूली की गई थी>

बिजली कंपनियों की कार्यशैली पर उठे सवाल

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने सभी नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जाने पर बिजली कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब पिछले वर्ष की तय अवधि 10 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच प्रदेश में 3,75,859 नए कनेक्शन दिए गए तो सिर्फ 92,231 कनेक्शन पर ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर क्यों लगाए गए?

पावर कारपोरेशन प्रबंध का आदेश तो यह था कि उक्त अवधि में सभी नए कनेक्शन सिर्फ स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ही दिए जाएंगे। नए कनेक्शन पर मीटर लगाने का दोहरा मापदंड क्यों अपनाया गया? 2,83,628 कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर क्यों नहीं लगाए गए?

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