विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में उफान पर गंगा, सरयू और टोंस सहित कई नदियां; चपेट में सैकड़ों घर और रास्ते; बारिश व हादसों में 12 की मौत

Published: Thu, 03 Sep 2026 02:00 AM (IST)

मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण यूपी की गंगा, सरयू, टोंस सहित कई ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से 2.70 मीटर ऊपर।

  2. बाढ़ और बारिश से हुए हादसों में 12 लोगों की मौत।

  3. सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त, हजारों परिवार प्रभावित, कई रास्ते बंद।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मध्य प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर बुधवार शाम छह बजे खतरे के निशान से 2.70 मीटर ऊपर 129.200 मीटर पहुंच गया। रसिन, गुंता, ओहन और बरुआ बांधों के फाटक खोलने से सहायक नदियों में भी तेज बहाव है। जिले के करीब 150 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। 500 से अधिक घर क्षतिग्रस्त और करीब 15 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं।

बाढ़ और बारिश के कारण हुए हादसों में अलग-अलग जिलों में मासूम-भाई समेत 12 लोगों की मौत की भी सूचना है। चित्रकूट में रामघाट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। मोहरवां रपटा डूबने से कर्वी-राजापुर हाईवे पर बड़े वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। कारी बराह नदी के तेज बहाव से मानिकपुर-सतना मार्ग का टिकरिया रपटा भी डूब गया।

झांसी-मीरजापुर हाईवे पर लालापुर रपटा में सड़क कटने से यातायात वनवे कर दिया गया है। बाढ़ में बहने से सावित्री देवी का शव बरामद हो गया, जबकि 14 वर्षीय मीनू की तलाश जारी है। वहीं, पूर्वांचल में बलिया में गंगा खतरे के निशान से 1.795 मीटर ऊपर, सरयू 16 सेंटीमीटर और टोंस आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

दशाश्वमेध घाट स्थित शीतला माता मंदिर की छत तक पानी पहुंच गया और घाट की सीढ़ियां डूब गईं। गाजीपुर और मीरजापुर में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रयागराज में भी टोंस खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। बेलन भी खतरे के निशान के करीब है। अवध क्षेत्र में शारदा और घाघरा का जलस्तर बढ़ने से करीब 40 गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा है। लखीमपुर में शारदा खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर है।

बहराइच के 14 गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। गोंडा में घाघरा खतरे के निशान के करीब है और कटान शुरू हो गई है। अयोध्या और अंबेडकरनगर में सरयू भी लगातार बढ़ रही है। फर्रुखाबाद में रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हैं। अमरोहा में गंगा का जलस्तर 200.50 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है।

वहीं, संभल में बुधवार को गंगा का गेज खतरे के निशान से महज एक मीटर नीचे 177.76 मीटर दर्ज किया गया। पीलीभीत में शारदा और देवहा नदी उफनाने से हजारा क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में बाढ़ है। लगातार बारिश से कच्चे मकान और दीवारें गिरने से रायबरेली और हरदोई में एक-एक वृद्ध की मौत हुई।

कानपुर देहात के मूसानगर में सात साल की बच्ची और उसके एक साल के भाई की मौत हो गई। फतेहपुर में 24 घंटे में 20 कच्चे मकान ढह गए और सुकेती गांव में एक की मौत हो गई। बांदा में तीन और कन्नौज में एक मौत हुई है। भारी बारिश दौरान अमरोहा में भवन का छज्जा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, सोमवार को बाढ़ के बीच पशु चराने गए युवक का भी शव बुधवार को मिला।

यह भी पढ़ें- यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय हुआ दोगुना, कंपनियों की मनमानी और कटौती पर लगी रोक