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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Modi 3.0 में यूपी को मिला पूरा सम्मान, सीटें घटने के बावजूद 10 MP बने मंत्री; ऐसे रखा गया जातीय समीकरणों का ध्यान

    Updated: Sun, 09 Jun 2024 11:04 PM (IST)

    मोदी 2.0 के मुकाबले यूपी का प्रतिनिधित्व संख्या की लिहाज से भले ही कुछ कम लग रहा हो लेकिन एनडीए सांसदों की कुल संख्या की दृष्टि से इनकी संख्या पिछली ब ...और पढ़ें

    Modi Cabinet 3.0: यूपी के 10 सांसद बनें मंत्री
    Modi Cabinet 3.0: यूपी के 10 सांसद बनें मंत्री

    HighLights

    1. सीटें घटने के बावजूद 10 सांसद बने मंत्री, पिछली बार 14 थी इनकी संख्या
    2. कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय व जातीय समीकरणों का भी रखा गया पूरा ध्यान

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से अपेक्षानुरूप परिणाम न मिलने के बावजूद मोदी 3.0 में भी यूपी का दबदबा कायम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद केंद्रीय कैबिनेट में राजनाथ सिंह का शीर्ष दर्जा कायम है। राज्यसभा सदस्य हरदीप पुरी को कैबिनेट मंत्री और रालोद प्रमुख जयन्त चौधरी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया गया है। सात राज्यमंत्री भी प्रदेश को हासिल हुए हैं।

    मोदी 2.0 के मुकाबले यूपी का प्रतिनिधित्व संख्या की लिहाज से भले ही कुछ कम लग रहा हो लेकिन एनडीए सांसदों की कुल संख्या की दृष्टि से इनकी संख्या पिछली बार से बढ़ी है।

    वर्ष 2019 में यूपी से एनडीए को 64 सीटें हासिल हुई थीं, जबकि इसे बार महज 36 सीटों मिलने पर भी 10 सांसदों को मंत्री का दर्जा दिया गया है। कैबिनेट विस्तार में यूपी के क्षेत्रीय व जातीय समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

    मोदी 3.0 में लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह और राज्यसभा सदस्य हरदीप पुरी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है, जबकि रालोद के जयन्त चौधरी (राज्यसभा सदस्य) को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का दायित्व सौंपा गया है।

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    वहीं, राज्यमंत्रियों में महराजगंज से सांसद पंकज चौधरी, पीलीभीत से सांसद जितिन प्रसाद, आगरा से सांसद एसपी सिंह बघेल, गाेंडा से सांसद कीर्ति वर्धन सिंह, बांसगांव से सांसद कमलेश पासवान और मीरजापुर से लगातार तीसरा चुनाव जीतने वाली अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल शामिल हैं। मोदी सरकार ने यूपी से जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधा है।

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    दो क्षत्रिय (राजनाथ सिंह व कीर्तिवधन सिंह) व एक ब्राह्मण (जितिन प्रसाद) समेत तीन सर्वण, चार पिछड़ी जातियों से जिनमें दो कुर्मी (पंकज चौधरी व अनुप्रिया पटेल), एक जाट (जयन्त चौधरी) एक लोधी (बीएल वर्मा) और दो दलित (प्रो. एसपी सिंह बघेल व कमलेश पासवान ) एवं एक सिख (हरदीप पुरी) को जगह दी गई है।

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