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    यूपी में आर्थिक तंगी नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा, पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए हॉस्टलों का कायाकल्प; छात्राओं के लिए 43 खास सुरक्षित आश्रय

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 08:57 PM (GMT+05:30)

    उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए छात्रावास निर्माण और अनुरक्षण योजनाओं पर काम कर रही है। इन य ...और पढ़ें

    यूपी में OBC छात्रों के लिए हॉस्टलों का कायाकल्प

    यूपी में OBC छात्रों के लिए हॉस्टलों का कायाकल्प

    HighLights

    1. यूपी सरकार ने OBC छात्रों के लिए छात्रावासों का कायाकल्प किया।

    2. 102 छात्रावासों में 5,400 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पा रहे।

    3. छात्राओं के लिए 43 विशेष हॉस्टल, सुरक्षित माहौल सुनिश्चित।

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य देने के लिए लगातार बड़े और प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़े रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही 'छात्रावास निर्माण योजना' आज प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत आधार बन चुकी है। अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2013 छात्र-छात्राओं ने इन छात्रावासों में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की है। यह व्यवस्था उन हजारों गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत बनी है, जिनके लिए बच्चों को शहर में बाहर रखकर पढ़ाना आर्थिक रूप से नामुमकिन था।

    छात्राओं के लिए 43 विशेष हॉस्टल

    उत्तर प्रदेश में इस समय अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कुल 102 छात्रावासों का सफल संचालन किया जा रहा है। आधी आबादी को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ सरकार ने इनमें से 43 छात्रावास विशेष रूप से छात्राओं के लिए और 59 छात्रावास छात्रों के लिए समर्पित किए हैं। इन हॉस्टलों में एक साथ लगभग 5,400 विद्यार्थियों के रहने की आधुनिक क्षमता मौजूद है। सरकार की नीति के तहत इन छात्रावासों का निर्माण सीधे राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसरों (Campuses) के भीतर कराया गया है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ एक सुरक्षित और अनुशासित माहौल मिल सके।

    वर्षों पुराने भवनों का हो रहा सौंदर्यीकरण

    योगी सरकार केवल हॉस्टलों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी पैनी नजर रख रही है। पुराने पड़ चुके भवनों को आधुनिक और आरामदायक बनाने के लिए सरकार ने 'छात्रावास अनुरक्षण योजना' के तहत बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया है। इन कार्यों में पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष सचिव (पिछड़ा वर्ग कल्याण) की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी हर एक प्रस्ताव का बारीकी से तकनीकी और वित्तीय परीक्षण करने के बाद ही बजट को मंजूरी देती है।

    8 हॉस्टलों की मरम्मत पूरी, नए सत्र की तैयारी शुरू

    समीक्षा बैठक के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत जीर्णोद्धार के लिए चुने गए 10 छात्रावासों में से 8 का मरम्मत कार्य पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया गया है, जबकि शेष दो में काम आखिरी चरण में है। इतना ही नहीं, सरकार ने भविष्य की योजना पर काम करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी प्रदेश के विभिन्न जिलों से 8 और पुराने छात्रावासों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर लिया है, जिनका जल्द ही कायाकल्प किया जाएगा।

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    निर्धन छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही योजना

    पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने इस योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल निर्धन परिवारों के प्रतिभावान छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का सबसे मजबूत स्तंभ साबित हो रही है। हमारा एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी होनहार बच्चे की पढ़ाई पैसों की कमी के कारण बीच में न छूटे। कैंपस के भीतर हॉस्टल होने से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों, खासकर बेटियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए एक बेहतरीन और अनुकूल माहौल मिल रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश की विकास यात्रा में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं।