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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: यूपी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपी पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट

Updated: Tue, 18 Aug 2026 06:49 AM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पहली एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंप दी है। इस रिपोर्ट की प्रारंभिक सिफारिशों के आधार पर ही एफआईआर दर्ज हुई थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित नई एसआईटी जांच कर रही है।

यूपी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट।

यूपी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट।

HighLights

  1. यूपी सरकार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT रिपोर्ट सौंपी।

  2. पहली SIT रिपोर्ट के आधार पर अयोध्या में FIR दर्ज हुई।

  3. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नई SIT जांच कर रही है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अयोध्या चढ़ावा चोरी प्रकरण में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को विशेष जांच दल (एसआईटी) की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से पहले बनी एसआईटी की रिपोर्ट है। पहली एसआईटी का गठन 13 जून को किया गया था।

प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट के अनुरोध पर लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। जिसमें लखनऊ के आइजी रेंज किरण एस. तथा विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था।

इस विशेष जांच दल ने 23 जून को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी और आगे की जांच के लिए सात दिन का समय मांगा था। शासन ने सात दिन का समय बढ़ा दिया था। साथ ही,

प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या में एफआईआर दर्ज हो गयी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था।

ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआइआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया।

आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस बीच चढावा चोरी प्रकरण में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नई एसआईटी गठित करने का आदेश दिया।

जिस पर अमल करते हुए प्रदेश सरकार ने लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस, डीआईजी सोमन वर्मा, अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर, फोरेंसिक ऑडिटर और एक एएसपी को शामिल करते हुए नई एसआईटी का गठन किया है जो जांच कर रही है। इसे प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में सीलबंद लिफाफे में पेश करनी है।

अब सोमवार को सरकार की ओर से बताया गया कि विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली एसआईटी की जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट को सौंप दी गयी है। उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में की गयी संस्तुतियों पर ही एफआईआर समेत अन्य कार्रवाई हुई है।

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