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    आयुष्मान कार्ड का डाटा ठीक कराने के लिए यूपी सरकार चलाएगी अभियान, पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 08:43 PM (IST)

    यूपी सरकार आयुष्मान आरोग्य योजना के पात्र परिवारों को लाभ सुनिश्चित करने के लिए डेटा त्रुटियों में सुधार करेगी। इसके तहत मृत या स्थानांतरित लाभार्थियो ...और पढ़ें

    अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड का डाटा ठीक कराएगी सरकार

    अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड का डाटा ठीक कराएगी सरकार

    HighLights

    1. आयुष्मान कार्ड डेटा त्रुटियों में सुधार करेगी यूपी सरकार।

    2. मृत या स्थानांतरित लाभार्थियों के नाम सूची से हटेंगे।

    3. ऑनलाइन पोर्टल से डेटा संशोधन प्रक्रिया होगी आसान।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार सभी पात्र परिवारों को आयुष्मान आरोग्य योजना का लाभ दिलाने के लिए डाटा (आंकड़े) की त्रुटियों में सुधार करेगी। जिन लाभार्थियोंं की मृत्यु हो गयी, जो स्थानांतरित हो गये या दर्ज पते पर रहते नहीं, उनका नाम लाभार्थी सूची से हटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त दस्तावेजों में त्रुटियों के चलते जिन पात्र व्यक्तियों को योजना के कार्ड नहीं रहे हैं, उनके दस्तावेज ठीक कराकर लाभ दिलाया जाएगा।

    साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि जिलों में लगातार आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं, लेकिन कई लाभार्थियों के नाम, पता, पारिवारिक विवरण या अन्य जानकारियों में आंशिक त्रुटियां हैं। इसके कारण कार्ड अनुमोदन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

    कई मामलों में लाभार्थियों की पहचान का सत्यापन नहीं हो रहा है। ऐसे में डेटा संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। सीईओ का कहना है कि पात्र लाभार्थियों की सूची में ऐसे नाम हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

    कई लोग अब संबंधित क्षेत्र में नहीं रहते हैं। कुछ लाभार्थी ऐसे हैं जो स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे मामलों का सत्यापन कर सही स्थिति दर्ज करना जरूरी है, ताकि वास्तविक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।

    उन्होने बताया कि ऐसे मामलों को चिन्हित करने के लिए बेनिफिशियरी डेटा मैनेजमेंट पोर्टल विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से लाभार्थियों के डेटा में संशोधन की प्रक्रिया आनलाइन होगी। इससे डेटा संशोधन पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा।

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    नई व्यवस्था के तहत ब्लाक स्तर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पात्र लाभार्थियों के रिकार्ड संशोधित कर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) इसका सत्यापन कर संस्तुति देंगे। जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के पास अंतिम अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इससे लाभार्थियों के डेटा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

    आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगी। कोई पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। जिन मामलों में विभिन्न कारणों से कार्ड बनाना संभव नहीं है, उनकी भी स्पष्ट पहचान हो जाएगी।

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