वाराणसी में 6 जर्जर विद्यालयों की बदलेगी सूरत, 12.50 करोड़ से बनेंगे मॉडल स्कूल
वाराणसी के 70-80 साल पुराने 6 जर्जर विद्यालयों का 12.50 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्माण होगा।

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HighLights
वाराणसी के 6 जर्जर स्कूलों का होगा पुनरुद्धार।
एनसीएल के सीएसआर फंड से मिलेंगे 12.50 करोड़ रुपये।
आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूल बनेंगे जुलाई से।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। शहर में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। 70 से 80 साल पुराने और पूरी तरह जर्जर हो चुके छह विद्यालयों का अब पुनरुद्धार किया जाएगा। इन स्कूलों के नवनिर्माण के लिए नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) सिंगरौली ने अपने कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से 12.50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दे दी है।
वर्तमान में ये सभी भवन बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच चुके थे, जिसके चलते यहां लंबे समय से शिक्षण कार्य बंद पड़ा था। अब प्रशासन इन सभी स्कूलों को सर्वसुविधायुक्त 'मॉडल स्कूल' के रूप में विकसित करने की तैयारी में है।
निर्माण कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए जिम्मेदारी दो अलग-अलग विभागों को सौंपी गई है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को माता प्रसाद प्राथमिक विद्यालय, चौकाघाट और छोहरा प्राथमिक विद्यालय के निर्माण की जिम्मेदारी मिली है जबकि वाराणसी स्मार्ट सिटी को कंपोजिट विद्यालय पिसनहरिया, कंपोजिट विद्यालय पियरीकला, प्राथमिक विद्यालय मैदागिन और कंपोजिट विद्यालय इंदिरा गांधी (रामनगर) का कार्य एक साल में पूर्ण कर देना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग को नोडल नियुक्त किया गया है। निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जुलाई में काम शुरू करने की कोशिश: बीएसए
बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अगले महीने से धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कराने की कोशिश है। नए भवनों में बच्चों के लिए आधुनिक क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, पेयजल और बेहतर शौचालय सहित सभी आवश्यक और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिल सके।
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