ITI में बदलेगा पढ़ाई का तरीका, इंडस्ट्री के हिसाब से तैयार होंगे यूपी के युवा; मिलेगी करियर ऑप्शन की जानकारी
प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को अब आधुनिक कौशल और रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका लक्ष्य हर युवा को सम्मानजनक रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना है।

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HighLights
आइटीआइ अब आधुनिक कौशल और रोजगार केंद्र बनेंगे।
प्रशिक्षण में डिजिटल लर्निंग और नई तकनीक को जोड़ा जाएगा।
युवाओं को सम्मानजनक रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) अब सिर्फ पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र नहीं रहेंगे। इन्हें आधुनिक कौशल और रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित कर हर युवा को सम्मानजनक रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रशिक्षण में डिजिटल लर्निंग, नई तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुसार आधुनिक ट्रेड शामिल किए जाएंगे।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को लखनऊ स्थित प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने आइटीआइ में प्रशिक्षकों, तकनीकी संसाधनों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार की तैयारियों की जानकारी ली।
कौशल विकास राज्यमंत्री ने क्या कहा?
मंत्री ने कहा कि स्कूल-कालेजों में विद्यार्थियों को आइटीआइ के आधुनिक ट्रेड और करियर विकल्पों की जानकारी दी जाए, ताकि इसका आकर्षण बढ़े। उद्योगों के साथ समन्वय मजबूत कर प्रशिक्षण को उनकी मांग से जोड़ा जाए। तकनीकी ज्ञान के साथ कम्युनिकेशन, साफ्ट स्किल और इंटरव्यू की तैयारी भी कराई जाए।
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उन्होंने हर आइटीआइ को भविष्य के कौशल केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव डा. हरिओम, निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
