दो साल के लंबे इंतजार के बाद यूपी में मिनी ITI परीक्षा की तैयारी, 47 जिलों के स्टूडेंट्स को मिलेगी राहत
मदरसा शिक्षा परिषद दो साल के अंतराल के बाद मिनी आईटीआई की व्यावसायिक परीक्षाएं सितंबर के अंतिम सप्ताह में कराने की तैयारी में है। इससे तकनीकी सर्टिफिकेट का इंतजार कर रहे युवाओं को रोजगार के मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता साफ होगा।

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HighLights
दो साल बाद मिनी आईटीआई परीक्षाएं सितंबर में होंगी।
कामिल-फाजिल डिग्री विवाद के बाद परीक्षा का रास्ता साफ।
प्रदेश के 47 जिलों में 35 ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मदरसा शिक्षा परिषद ने दो साल के अंतराल के बाद मिनी आइटीआइ के छात्र-छात्राओं की व्यावसायिक परीक्षाएं कराने की तैयारी शुरू कर दी है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण हो रहा है। सिंंतबर के अंतिम सप्ताह में परीक्षाएं शुरू होने की संभावना है। इससे तकनीकी सर्टिफिकेट का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए रोजगार की मुख्यधारा से जुड़ने का रास्ता साफ हो सकेगा।
कई वर्षों से मिनी आइटीआइ का परीक्षा सत्र विलंबित चल रहा है। कामिल-फाजिल की डिग्री के अवैध घोषित होने के चलते उत्पन्न तकनीकी दिक्कत से सत्र नियमित करने में तकनीकी दुश्वारी खड़ी हुयी।
गत दिनों योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने कामिल-फाजिल डिग्री मदरसा परिषद के नियमों से बाहर करने को मंजूरी प्रदान कर दी। जिसके बाद मदरसा परिषद ने मिनी आइटीआइ स्कूलों में वर्ष 2024-25 बैच की परीक्षाएं कराने की तैयारी तेज की है।
प्रशिक्षण और नौकरी को लेकर थी असमंजस की स्थिति
प्रदेश के 47 जिलों में आइटीआइ केंद्र चल रहे हैं जिनमें कंप्यूटर, इलेक्ट्रानिक्स, सिलाई-कढ़ाई और कारपेंट्री समेत 35 अलग-अलग ट्रेडों में व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। सत्र पिछड़ने के कारण विद्यार्थियों के सामने आगे के प्रशिक्षण और नौकरी के अवसरों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी।
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परीक्षा होने से उन्हें न केवल उनकी मेहनत का सर्टिफिकेट मिलेगा, बल्कि वे विभिन्न क्षेत्रों की भर्तियों के लिए पात्र हो सकेंगे। मदरसा शिक्षा परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही का कहना है कि परीक्षा की तैयारियां तेजी से चल रही हैं, जल्द तिथियां घोषित की जाएंगी।

