गांव छोड़ने की क्या है वजह? UP में बड़ा सर्वे शुरू, 30 अधिकारी पहुंचे लखनऊ
उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 30 जून 2027 तक प्रवासन विवरण सर्वेक्षण शुरू हो गया है, जिसका उद्देश्य लोगों के गांव-घर छोड़ने के कारणों और पैटर्न को समझना है।

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HighLights
प्रवासन विवरण सर्वेक्षण 1 जुलाई से 2027 तक चलेगा।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय कर रहा है राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण।
लखनऊ में 30 अधिकारी-कर्मचारी हुए प्रशिक्षित।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। प्रवासन विवरण सर्वेक्षण यानि एक ऐसी प्रक्रिया जिसके जरिए सरकार या संस्थाएं यह पता लगाएंगी कि लोग काम, पढ़ाई या अन्य कारणों से अपने घर या गांव को छोड़कर दूसरे शहर, राज्य या देश में क्यों और कैसे जा रहे हैं? यह सर्वेक्षण एक जुलाई से शुरू हो गया है, जो 30 जून 2027 तक चलेगा।
भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकाय प्रभाग), राज्य राजधानी क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ ने प्रवासन विवरण सर्वेक्षण 2026-27 के लिए सोमवार को एक दिनी क्षेत्रीय समीक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के प्रशिक्षण हाल में प्रशिक्षण की अध्यक्षता उप महानिदेशक क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ डा. सुचिता गुप्ता ने किया।
जुटाए जाएंगे आंकड़े
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा यह राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में प्रवासन के पैटर्न से जुड़े व्यापक और अद्यतन आंकड़े एकत्र जुटाना है। इसमें ग्रामीण-शहरी और अंतर-राज्यीय प्रवासन दोनों को शामिल किया जाएगा। साथ ही प्रवासन के कारण, प्रवासन की अवधि, वापसी प्रवासन और प्रवासियों के आय व रोजगार संबंधी आंकड़े भी जुटाए जाएंगे।
डॉ. गुप्ता ने अधिकारियों और क्षेत्र कर्मियों को डाटा की गुणवत्ता बनाए रखने और सतर्कता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के सभी परिवारों से अपील किया कि जब भी सर्वेक्षण कर्मी उनके पास आएं तो वे पूरा सहयोग करें। उनकी दी गई जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल विकास योजनाओं की नीति निर्धारण और अनुसंधान उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
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उप निदेशक अंशिका बाजपेई ने कहा कि डिजिटल माध्यम से डाटा संग्रहण में अधिक सजगता जरूरी है। प्रशिक्षण शिविर में राजधानी क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ उप क्षेत्रीय कार्यालयों और मध्यांचल कार्यालय लखनऊ के 30 अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे।

