यूपी में मिशन कर्मयोगी की परीक्षा में दो कोर्स पूरा करना अनिवार्य, 18.50 लाख से अधिक एक्टिव यूजर
उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी कर्मचारियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण को अनिवार्य किया है।

मिशन कर्मयोगी की परीक्षा में दो कोर्स पूरा करना अनिवार्य।
HighLights
11 सितंबर को सरकारी कर्मचारियों के लिए दो कोर्स अनिवार्य किए गए।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षण के दौरान अन्य विभागीय बैठकें प्रतिबंधित कीं।
उपाम रिपोर्ट में कई कर्मचारियों द्वारा कोर्स पूरा न करने का खुलासा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मिशन कर्मयोगी के तहत सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे ऑनलाइन प्रशिक्षण को लेकर सरकार ने अब सख्ती दिखाई है। प्रदेश के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को 11 सितंबर को कम से कम दो कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय में प्रशिक्षण पूरा कराने के दौरान कोई अन्य विभागीय बैठक आदि आयोजित न की जाए, ताकि कर्मचारी प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) की ओर से सात सितंबर तक की प्रगति के आधार पर सरकार को दी गई रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रदेश के सभी विभागों में 19,13,051 कर्मचारी हैं। इनमें 18,50,835 एक्टिव यूजर और 62,212 सक्रिय नहीं हैं।
एक्टिव यूजर में भी बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जिन्होंने अभी तक एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है। रिपोर्ट के मुताबिक सात सितंबर तक कुल 2,83,97,079 कोर्स पूरे किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग द्वारा प्रशिक्षण पूरा न किए जाने को देखते हुए सरकार ने विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अक्टूबर 2026 में उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित किए जाने की संभावना को देखते हुए सरकार ने 11 सितंबर को दो कोर्स पूरे कराने पर जोर दिया है। सभी विभागों को अपने अधिकारियों-कर्मचारियों को समयसीमा के भीतर प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्मिक विभाग ने विभागवार कर्मचारियों और 11 सितंबर तक पूर्ण कराए जाने वाले कोर्स की संख्या उपलब्ध कराने के लिए प्रारूप भी जारी किया है। पूर्ण किए गए कोर्स का ब्योरा उपाम को ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
