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    हंगामे की भेंट चढ़ा मानसून सत्र, बिना चर्चा पास हुआ अनुपूरक बजट; चढ़ावा चोरी और पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष की नारेबाजी

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:50 PM (IST)

    विधानमंडल का मानसून सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के टकराव के कारण हंगामे की भेंट चढ़ गया, जिसमें 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट बिना चर्चा के ध्वनि ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा।

    2. 59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट बिना चर्चा पारित।

    3. सत्र निर्धारित समय से एक दिन पहले स्थगित।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधानमंडल का मानसून सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष के टकराव की भेंट चढ़ गया। तीन दिन तक चले हंगामे के बीच न तो किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो सकी और न ही अनुपूरक बजट पर बहस। विधान सभा अध्यक्ष के आसन के समक्ष आए सपा सदस्यों के हंगामे व शोर-शराबे के बीच बुधवार को 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से बिना चर्चा के पारित कर दिया गया।

    इसके साथ ही सरकार ने संभल न्यायिक जांच आयोग और सीएजी की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रख दी और तय समय से एक दिन पहले ही विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
    बुधवार को विधान सभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सपा के डा. संग्राम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र लोक व लाज से चलता है।

    लगातार सदन की अवधि कम करने के साथ ही विपक्ष की अनदेखी की जा रही है। सदन को ठीक से संचालित करने में हमेशा विपक्ष ने भी साथ दिया है। इसी सदन में ऐसी-ऐसी भाषा का उपयोग हुआ है, जिसकी चर्चा करना ठीक नहीं है। विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि आपने खुद समय खराब किया है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम लोग तो चढ़ावा चोरी के मामले में सभी कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग कर रहे हैं।

    कांग्रेस-सपा ने उठाए ये मुद्दे

    कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना ने सपा विधायक सचिन यादव के निलंबन का मुद्दा उठाया। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हुईं हैं, उनका निलंबन वापस लेने पर विचार कर लिया जाए। इसके बाद विधान सभा अध्यक्ष अपने आसन से उठकर चले गए।

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    अधिष्ठाता मंजू शिवाच ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई तो सपा सदस्य अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामा ज्यादा बढ़ा तो संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने का आग्रह किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 11:22 बजे पहले आधे घंटे के लिए उसके बाद दो बार और समय बढ़ाया गया।

    दोपहर एक बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। उस समय भी सपा सदस्य नारेबाजी करते रहे। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही चलती रही और सरकार ने एक-एक कर सभी निर्धारित कार्य निपटा दिए। मंगलवार को पेश किए गए 59,019.54 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पर बुधवार को चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन हंगामे के कारण इस पर कोई बहस नहीं हो सकी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अनुपूरक बजट पारित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।

    कार्यवाही के दौरान सरकार ने संभल हिंसा प्रकरण से संबंधित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट भी विधान सभा के पटल पर रख दी। विपक्ष की नारेबाजी जारी रहने से इन दस्तावेजों पर भी कोई चर्चा नहीं हो सकी।

    सरकार ने निर्धारित विधायी और वित्तीय कार्यवाही कर ली पूरी

    गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के दौरान हुए हंगामे और सपा विधायक सचिन यादव के निलंबन के बाद से ही सदन में गतिरोध और गहरा गया था। बुधवार को भी विपक्ष अपने रुख पर कायम रहा, जबकि सरकार ने निर्धारित विधायी और वित्तीय कार्यवाही पूरी कर ली।

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    अनुपूरक बजट पारित होने के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया। मूल कार्यक्रम के अनुसार मानसून सत्र छह अगस्त तक चलना था, लेकिन लगातार हंगामे के कारण इसे एक दिन पहले ही समाप्त करना पड़ा।